विचार मध्य प्रदेश का कहना है कि यह योजना पूरी तरह फ्लॉप शो साबित हुई है। भाजपा सरकार की स्मार्ट ट्रेन तथा स्मार्ट सिटी की तरह स्मार्ट फोन मात्र प्लास्टिक का डब्बा बन गया है।
विचार मध्य प्रदेश की कोर कमेटी के सदस्य पूर्व विधायक गिरजा शंकर शर्मा व पारस सकलेचा, अक्षय हुंका, विनायक परिहार तथा विक्रांत राय ने आरोप लगाया है कि स्मार्ट फोन की खरीदी में 80 करोड़ का घोटाला हुआ है। जिस कार्वे डेटा मैनेजमेंट कंपनी को यह काम दिया गया है, वह टेंडर की शर्तो को पूरा ही नहीं कर रही है। जिस चीनी कंपनी फोरस्टार इंडस्ट्री लिमिटेड को 200 करोड़ सालाना टर्नओवर की कंपनी बताया जा रहा है, उस कंपनी का कोई अता पता ही नहीं है। यहां तक कि उसकी कोई वेबसाइट भी नहीं है।
विचार मध्यप्रदेश की कोर समिति ने बुधवार को स्मार्ट फोन घोटाले की जांच कर जिम्मेदारों पर प्रकरण दर्ज कराने का आवेदन ईओडब्ल्यू के अतिरिक्त महानिदेशक को दिया।
कोर ग्रुप ने आरोप लगाया कि स्मार्ट फोन के प्लास्टिक डब्बा बन जाने की सैकड़ों शिकायत महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने की है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा इस मामले को विचार मध्य प्रदेश द्वारा उठाए जाने पर सिर्फ जांच का नाटक किया गया, लेकिन इसमें आर्थिक घोटाले की जांच के बिंदु को बिल्कुल नजर अंदाज किया गया। इससे साफ जाहिर है कि इस घोटाले में सरकार भी शामिल है।
कोर ग्रुप ने कहा कि शिवराज के भ्रष्टाचार में स्मार्ट फोन स्कैम भी शामिल हो गया है। अगर ईओडब्ल्यू से संतोषजनक कार्यवाही नहीं हुई तो वे न्यायालय में वाद दायर करेंगे।
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