भोपाल, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश में अपने हक की खातिर गांधीवादी तरीके से आंदोलन कर रहे दो आंदोलनकारियों ने बीते दो दिनों में जान गंवा दी, एक मामला राजधानी का है तो दूसरा बालाघाट का।
भोपाल के अंबेडकर पार्क में प्रदेशभर के बिजली विभाग के संविदाकर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इस आंदोलन में लगभग 25 हजार कर्मचारी शामिल हैं। उन्हीं में से एक रामनारायण भी था, जो आंदोलन में हिस्सा लेने जबलपुर से यहां पहुंचा था। गुरुवार की दोपहर में आंदोलन के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ी और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
रामनारायण के निधन पर चिनार पार्क में शुक्रवार को शोकसभा हुई। इसमें सभी ने सरकार के रवैए पर रोष जताया।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल ने कहा कि रामनारायण को सच्ची श्रद्धांजलि तब होगी, जब 2018 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी सत्ता में आकर बिजलीकर्मियों की मांगें पूरी करेगी।
दूसरी ओर, बालाघाट जिले के लालबर्रा थाना क्षेत्र के जाम गांव का है, जहां विद्यालय के पास शराब की दुकान खोले जाने के विरोध में स्थानीय लोग धरना दे रहे हैं। इस धरने में श्यामा बाई (55) भी शामिल थीं। धरना स्थल पर गुरुवार की रात उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाने पर मौत हो गई।
लालबर्रा थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह गड़रिया ने शुक्रवार को आईएएनएस को बताया कि श्यामा बाई की धरना के टेंट में सोते समय तबीयत बिगड़ी थी, बाद में मौत हो गई।
dharmpath.com dharmpath