भोपाल, 12 जुलाई (आईएएनएस)। निर्वाचन आयोग द्वारा संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा के निर्वाचन को शून्य और उन्हें तीन साल के लिए अयोग्य घोषित करने के बाद राष्ट्रपति चुनाव में मिश्रा को मतदान का अधिकार प्राप्त होने के प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा के कथन पर कांग्रेस ने विरोध दर्ज कराया है। कांग्रेस ने शर्मा के बयान को संविधान के खिलाफ बताया है।
कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को विधानसभा के अतिरिक्त प्रमुख सचिव वीरेंद्र सिंह को विधानसभाध्यक्ष के नाम एक ज्ञापन सौंपकर जानना चाहा कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण व उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक उर्मिलेश यादव को लेकर आयोग द्वारा दिए गए फैसले, जिसके कारण उन्हें अपना पद गंवाना पड़ा था, उस पर उनका अभिमत क्या है।
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि विधानसभा अध्यक्ष और उनकी आसंदी के प्रति कांग्रेस का अटूट सम्मान है, किंतु उनका यह कथन कि “मिश्रा राष्ट्रपति चुनाव में मतदान करेंगे, क्योंकि वे अभी विधायक हैं,” घोर आपत्तिजनक है। जब निर्वाचन आयोग ने उनके निर्वाचन को शून्य और उन्हें तीन साल के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है, इस स्थिति में वे सदन के सदस्य ही नहीं रह गए हैं, तो उन्हें मताधिकार क्यों और कैसे प्राप्त होगा?
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