भोपाल, 29 जुलाई (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत द्वारा व्यापम से जुड़ा सवाल पूछे जाने पर उसकी जगह दूसरा सवाल लाकर उसका जवाब दिए जाने का मामला मीडिया को बताया जाना भाजपा पर नागवार गुजरा। सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों ने इसे विशेषाधिकार हनन बताते हुए रावत के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
विधानसभा में शुक्रवार को भाजपा विधायक ओम प्रकाश सखलेचा ने व्यापम को लेकर रावत द्वारा पूछे गए सवाल को बदलने की बात मीडिया में आने का जिक्र किया और कहा कि सदन की बात को जानबूझकर मीडिया में लीक किया गया है। उन्होंने कहा कि आसंदी और सदन के सम्मान का ख्याल रखा जाना चाहिए।
सखलेचा का भाजपा विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया ने भी समर्थन किया और कहा कि यह विशेषाधिकार हनन का मामला है, लिहाजा रावत के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। पूर्व मंत्री बाबूलाल गौर ने भी इसे विशेषाधिकार हनन बताया।
उधर, कांग्रेस विधायकों ने रावत का बचाव करते हुए कहा कि सत्तापक्ष विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रहा है।
शुक्रवार को मीडिया में आई खबर में कहा गया कि कांग्रेस विधायक रावत ने व्यापम के जरिए चिकित्सा महाविद्यालयों में एनआरआई कोटे से दाखिला पाए छात्रों के संबंध में एक सवाल पूछा था, इस सवाल को विधानसभा सचिवालय ने बदल दिया और बदले हुए सवाल का जवाब दिया गया। इस पर रावत ने आपत्ति दर्ज कराई थी।
कांग्रेस विधायक डॉ. गोविंद सिंह ने रावत का बचाव करते हुए कहा कि सवाल बदलने की बात सामने आई है, जो आपत्तिजनक है। आपत्ति उठाए जाने पर सत्तापक्ष इसे विशेषाधिकार हनन का मामला बताकर विपक्ष की आवाज दबाने का षड्यंत्र रच रहा है।
जब रावत ने अपना पक्ष रखना चाहा तो विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरण शर्मा ने कहा कि इस मामले पर उनसे सफाई नहीं मांगी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सवाल में बदलाव का अधिकार विधानसभा सचिवालय को है।
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