ममता की राष्ट्रपति से देश को ‘बचाने’ की अपील, राष्ट्रीय सरकार की मांग (लीड-1)

कोलकाता, 6 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्र सरकार पर हमला करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से ‘देश को अव्यवस्था से बचाने’ की अपील की और एक ऐसी ‘राष्ट्रीय सरकार’ की मांग की जिसमें नरेंद्र मोदी न हों।

देश में मौजूदा हालात को ‘अस्वीकार्य’ करार देते हुए तृणमूल अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र में राष्ट्रीय सरकार का संचालन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कोई अन्य नेता कर सकता है।

ममता ने कहा, “सभी संस्थानों पर हमले हो रहे हैं। यह एक खतरनाक खेल है। हम राष्ट्रपति से देश को अव्यवस्था से बचाने की अपील करते हैं।”

उन्होंने कहा, “केंद्र में शासन के नाम पर आतंकवाद व हल्लाबाजी हो रही है। उन्होंने योजना आयोग को खत्म कर उसे नीति आयोग में बदल दिया और उसमें ऐसे लोग हैं, जो देश को समझते तक नहीं।”

तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री कालिदास की तरह पेश आ रहे हैं। जिस डाल पर बैठे हैं, उसी को काटने का प्रयास कर रहे हैं।”

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं लालकृष्ण आडवाणी, राजनाथ सिंह तथा अरुण जेटली का नाम लेते हुए ममता ने कहा, “इस देश को बचाने के लिए एक राष्ट्रीय सरकार का गठन किया जाए, जिसका नेतृत्व आडवाणी जी, राजनाथ जी या जेटली कर सकते हैं।”

ममता ने मोदी की ओर स्पष्ट इशारा करते हुए कहा, “मौजूदा हालात पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। ‘उन्हें’ जाना पड़ेगा।”

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति तथा सर्वोच्च न्यायालय को इसमें भूमिका निभानी पड़ेगी।

ममता ने दावा किया कि आठ नवंबर को की गई नोटबंदी के कारण राजस्व का भारी नुकसान हुआ और कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में भारी संख्या में लोग नोटबंदी के कारण प्रभावित हुए हैं।

उन्होंने कहा, “नोटबंदी के कारण हमें 5,500 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। राज्य में 1.7 करोड़ लोग इससे प्रभावित हुए।”

यहां टाउन हॉल में प्रशासनिक समीक्षा बैठक के बाद ममता ने कहा कि नोटबंदी के कारण चाय, जूट, ज्वेलरी तथा बीड़ी उद्योग के क्षेत्रों में 81.5 लाख लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा।

तृणमूल कांग्रेस ने नोटबंदी पर राष्ट्रपति की टिप्पणी का स्वागत किया।

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