नई दिल्ली, 10 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष में हुई 16 लोगों की मौत के बाद रविवार को जम्मू एवं कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से बात की और उन्हें हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
अधिकारियों ने कहा कि राजनाथ ने कश्मीर घाटी में कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री से टेलीफोन पर बात की।
गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, राजनाथ ने महबूबा से कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, “गृहमंत्री घटनाक्रम पर बराबर नजर रखे हुए हैं। मुझे यकीन है कि स्थिति बहुत जल्द ही सामान्य हो जाएगी।”
जितेंद्र सिंह ने कहा, “मुझे यकीन है कि अमरनाथ यात्रा बहुत जल्द बहाल हो जाएगी।”
उन्होंने कहा, “मैं कश्मीरी पंडित समुदाय के सदस्यों को आश्वस्त करता हूं कि वे सुरक्षित हैं। वहां पथराव की कुछ घटनाएं हुई थीं।”
इसबीच, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम. वेंकैया नायडू मृत हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के समर्थकों पर जमकर बरसे।
नायडू ने कहा, “केंद्र और राज्य सरकार मिलकर स्थिति से निपटेंगे। जम्मू एवं कश्मीर की स्थिति जल्द ही सामान्य होगी।”
उन्होंने कहा, “(वानी) हिजबुल मुजाहिदीन का एक कमांडर था। ऐसे व्यक्ति के साथ किसी भी भारतीय की सहानुभूति कैसे हो सकती है।
नायडू ने कहा, “यह देखकर हैरान हूं कि कुछ लोग (प्रदर्शनकारी) उसे समर्थन देने की कोशिश कर रहे हैं। वे आतंकवादी के साथ सहानुभूति जता रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “आतंकवाद और हिंसा बिल्कुल भी किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।”
उल्लेखनीय है कि सुरक्षा बलों के साथ शुक्रवार को हुई मुठभेड़ में वानी और उसके दो साथी मारे गए थे, जिसके बाद दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग, पुलवामा, सोपियां और कुलगाम जिलों में हिंसा भड़क उठी, और बाद में वह अन्य जिलों में भी फैल गई।
वानी का शव शनिवार को उसके पैतृक गांव शरीफाबाद (त्राल) में दफनाया गया, जहां अंत्येष्टि में हजारों लोग उमड़ पड़े।
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