नई दिल्ली, 8 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कश्मीर समस्या के हल के लिए शांति वार्ता की मांग की। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वह राज्य की जनता के जख्मों को भरने के लिए खुद हस्तक्षेप करें। कश्मीर घाटी में जारी हिंसा में अब तक 55 लोगों की मौत हो चुकी है।
महबूबा मुफ्ती गृहमंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मिलने के लिए अघोषित दौरे पर यहां आई हैं। उम्मीद है कि वह मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगी।
अधिकारियों ने बताया कि गृहमंत्री सिंह और मुख्यमंत्री ने कश्मीर घाटी में एक महीने से जारी अशांति के बारे में विचार-विमर्श किया, जिसमें 5000 नागरिक एवं सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं।
कश्मीर विवाद को समाप्त करने के लिए भारत, पाकिस्तान और राज्य की जनता को शामिल कर राजनीतिक पहल करने के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं मानती हूं कि कश्मीरियों के जख्म को भरने की जरूरत है। यदि बातचीत से ऐसा हो सकता है तो हमें यह करना चाहिए।”
महबूबा यहां नॉर्थ ब्लॉक में गृहमंत्री राजनाथ से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बात कर रही थीं।
उन्होंने कहा, “जम्मू एवं कश्मीर में हालात पिछले एक माह से खराब हैं। मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी इस मौके का लाभ कश्मीर की जनता के जख्मों को भरने की कोशिश करने के रूप में उठाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार अनिवार्य रूप से उस शांति प्रक्रिया की पहल करे, जिसे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने लंबे समय से चल रहे विवाद के समाधान के लिए शुरू किया था।
महबूबा ने कहा, “हम जम्मू एवं कश्मीर में शांति चाहते हैं और मैं आशा करती हूं कि केंद्र सरकार कश्मीरियों के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाएगी। जम्मू एवं कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच सेतु बन सकता है।”
आठ जुलाई को आतंकी कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से घाटी में जारी अशांति के कारण वहां का जन-जीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है। कहीं कर्फ्यू लागू है तो कहीं अलगाववादी बंद का ऐलान कर रहे हैं।
विपक्षी दलों ने कश्मीर में अशांति पर प्रधानमंत्री की चुप्पी की निंदा की है।
राज्यसभा में सदस्यों ने इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की है और सरकार से इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने को कहा है।
राज्यसभा में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, माकपा के सीताराम येचुरी, जनता दल-यू के शरद यादव द्वारा कश्मीर मुद्दे पर की गई टिप्पणी के जवाब में संसदीय कार्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर बहस को तैयार है।
उन्होंने कहा, “हम कश्मीर में शांति चाहते हैं और कश्मीर की जनता ने बार-बार उन शक्तिओं को हराया है जिन्होंने शांति भंग करने की कोशिश की है। हम इस मुद्दे पर बहस के लिए तैयार हैं।”
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