महात्मा बुद्ध को भगवान विष्णु का 9वां अवतार माना जाता है और उन्होंने बुद्ध धर्म की स्थापना की जिसे आज दुनिया के कई देशों में अपनाया जाता है. आपने कई जगह भगवान बुद्ध की प्रतिमाएं देखी होंगी और सभी प्रतिमाओं में उनके घुंघराले बाल आकर्षण का केंद्र होते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि गौतम बुद्ध के सिर पर दिख रहे वो बाल नहीं हैं?भगवान बुद्ध के सिर पर दिख रहे घुंघराले बाल असल में बाल हैं ही नहीं, बल्कि बल्कि जानवरों का एक झुंड हैं. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि महात्मा बुद्ध के सिर पर एक या दो नहीं, बल्कि 108 घोंघे रहते हैं.महात्मा बुद्ध के सिर पर 108 घोंघे की बात सुनकर कई लोगों के मन में यह सवाल जरूर आया होगा कि आखिर उनके सिर पर इतने सारे घोंघे क्यों बैठे हैं? पौराणिक कथाओं के अनुसार एक बार गौतम बुद्ध तपस्या में इतने अधिक लीन हो चुके थे और उन्हें बाहरी दुनिया की कोई सुध नहीं. तपस्या करते हुए उन्हें काफी समय हो गया और उस दौरान बहुत गर्मी पड़ रही थी. सूरज देवता गौतम बुद्ध के सिर के बिल्कुल ऊपर थे और तपती गर्मी में भी वह तपस्या करते रहे.
जब गौतम बुद्ध तपती गर्मी में तपस्या कर रहे थे तभी वहां से एक घोंघा गुजरा और उसने देखा कि कोई व्यक्ति इतनी गर्मी में तपस्या में लीन है. गौतम बुद्ध के सिर पर बाल नहीं थे और उन्हें गर्मी से बचाने के लिए घोंघा रेगते हुए उनके सिर पर जाकर बैठ गया. उस घोंघे को देखकर धीरे-धीरे अन्य घोंघे भी गौतम बुद्ध के सिर पर आकर बैठ गए. इस तरह वहां 108 घोंघे इकट्ठा हो गए और उन्होंने मिलकर गौतम बुद्ध को गर्मी से बचाया.
जब गौतम बुद्ध के सिर 108 घोंघे बैठ गए तो उन्हें गर्मी का अहसास नहीं हुआ जिससे वह बिना किसी बाधा के अपनी तपस्या करते रहे. कहा जाता है कि गौतम बुद्ध की तपस्या के दौरान उन सभी घोंघो की उनके सिर पर ही जान चली गई. इसलिए उनकी तपस्या में घोंघों का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है.
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