महाराष्ट्र उदय में शामिल होने वाला 17वां राज्य बना

वड़ोदरा, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र सरकार तथा महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एमएससीडीसीएल) के साथ शुक्रवार को वड़ोदरा में आयोजित दो दिवसीय राज्य विद्युत मंत्रियों के सम्मेलन के दौरान उज्‍जवल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना (उदय) के तहत समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

यहां जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, उदय के तहत यह समझौता होने तक 16 राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। अब महाराष्ट्र ऐसा 17वां राज्य बना है। इन राज्यों के संबंध में पुनर्गठित किए जाने वाले केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की बकाया राशियों सहित संयुक्त डिस्कॉम ऋण लगभग 2.57 लाख करोड़ रुपये होगा, जो 30 सितंबर, 2015 के अनुसार कुल बकाया डिस्कॉम ऋण का लगभग 68 प्रतिशत है।

बयान के अनुसार, उदय में भागीदारी के साथ महाराष्ट्र को लगभग 9725 करोड़ रुपये का निवल लाभ होगा, जिसमें सस्ती निधि, एटी एण्ड सी हानियों में कटौती, ऊर्जा दक्षता के उपाय तथा कोयला सुधार आदि का मुख्य योगदान रहेगा। उदय के तहत महाराष्ट्र सरकार ने चालू वर्ष के दौरान लगभग 6600 करोड़ रुपये के डिस्कॉम नॉन-कैपेक्स ऋण का 75 प्रतिशत भार उठाने का वचन दिया है। डिस्कॉम के बकाया बचे ऐसे 25 प्रतिशत ऋण को बांड या सस्ती दरों पर रिप्राइज किया जाएगा। इससे राज्य/डिस्कॉम का ब्याज भार 595 करोड़ रुपये तक कम हो जाएगा।

बयान में कहा गया है कि अनिवार्य वितरण ट्रांसफार्मर मीटरिंग, उपभोक्ता अनुक्रमण और हानियों के लिए जीआईएस मैपिंग, ट्रांसफार्मर व मीटर का उन्नयन/परिवर्तन, बड़े उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर के अलावा एटी एंड सी हानि और ट्रांसमिशन हानियों को कम किया जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकार और डिस्कॉम द्वारा डिस्कॉम की परिचालक दक्षता बढ़ाने के लिए उपाय किए जाएंगे, जिससे विद्युत आपूर्ति की लागत में कमी आएगी। केंद्र सरकार डिस्कॉम और राज्य सरकार को राज्य में विद्युत ढांचे में सुधार और लागत घटाने के लिए प्रोत्साहन देगी।

बयान के अनुसार, दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई), एकीकृत बिजली विकास योजना (आईपीडीएस), विद्युत क्षेत्र विकास निधि या विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की अन्य योजनाओं जैसी केन्द्रीय योजनाएं पहले ही राज्य में विद्युत बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए धन उपलब्ध करा रही हैं।

बयान के अनुसार, राज्य को अधिसूचित कीमत पर अतिरिक्त कोयले की आपूर्ति, उच्च क्षमता उपयोग, एनटीपीसी और अन्य केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम से कम लागत पर विद्युत जैसे प्रयासों से राज्य को मदद दी जाएगी। इन उपायों से राज्य को कोयला सुधारों के माध्यम से लगभग 4500 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा। ऑपरेशन दक्षता में सुधार से डिस्कॉम को बुनियादी ढांचे के विकास और मौजूदा बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए सस्ती दरों पर ऋण प्राप्त होगा।

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