यवतमाल-महाराष्ट्र के यवतमाल का परिवार रातो रात करोड़पति बन गया जब उसे अपनी जमींन पर 12 साल से खड़े पेड़ की असल कीमत का पता चला. बता दें कि रेलवे ने एक प्रोजेक्ट के तहत यवतमाल जिले के पुसद तहसील के खुर्शी गांव के किसान केशव शिंदे की जमीन का अधिग्रहण किया था. अधिग्रहण के दौरान विशेषज्ञों ने खेत में खड़े इस पेड़ का सर्वेक्षण किया तो ये बात सामने आई कि ये पेड़ रक्त चंदन प्रजाति का है. जिसकी कीमत करोड़ों में है. जिसके बाद, किसान केशव शिंदे और उनके परिवार के आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा. किसान परिवार के मुताबिक रेलवे ने उनकी जमीन का अधिग्रहण तो कर लिया था लेकिन परिवार को पेड़ की कीमत नहीं दी थी. जिसके बाद परिवार ने हाईकोर्ट की नागपुर बेंच का दरवाजा खटखटाया. इसके बाद कोर्ट के आदेश पर रेल विभाग ने 1 करोड़ रुपये जमा कराए, जिसमें से किसान परिवार को अब 50 लाख रुपये निकालने की इजाजत मिल गई है. वहीं, कोर्ट के मुताबिक रेलवे और वन विभाग को 7 जुलाई 2028 तक पेड़ की कीमत का मूल्यांकन कर किसान परिवार को पूरा इसका पूरा मुआवजा देने का आदेश दिया है.
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