मुंबई, 22 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार द्वारा की गई नोटबंदी के कारण व्यापार, वाणिज्य व व्यापारिक गतिविधियों में लगभग 75 फीसदी तक आई कमी से उबरने के लिए महाराष्ट्र के व्यापारियों ने सरकार से करों में विभिन्न प्रकार की छूट की मांग की है।
फेडरेशन ऑफ रिटेल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन (एफआरटीडब्ल्यूए) प्रतिनिधिमंडल ने अपने अध्यक्ष वीरेन शाह के नेतृत्व में मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और नोटबंदी के बाद के हालात से उन्हें अवगत कराया।
उन्होंने मुख्यमंत्री को इस बात से अवगत कराया कि मुंबई के 3.5 लाख दुकानदार सहित कुल 12 लाख खुदरा व्यापारी व दुकानदार किस प्रकार नकदी की कमी से जूझ रहे हैं, क्योंकि ग्राहक जरूरी चीजें छोड़कर कोई और चीज खरीदने से परहेज कर रहे हैं।
शाह ने कहा, “हमने बताया है कि कैसे शादियां टाली जा रही हैं और अन्य कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं, जिसके कारण कैटर्स, डेकोरेटर्स तथा सप्लाई चेन प्रभावित हुआ है, जो तुरंत भुगतान लेते हैं।”
उन्होंने आईएएनएस से कहा, “भारत में शहरी क्षेत्रों में डेबिट कार्ड से भुगतान केवल 25 फीसदी होता है, जबकि बाकी नकद में होता है।”
एफआरटीडब्ल्यूए ने सोमवार को शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से मुलाकात की थी, जिन्होंने उनकी समस्या को सुनकर उनके प्रति हमदर्दी जताई थी।
शाह ने कहा, “वर्तमान में देश की सवा अरब आबादी का केवल एक फीसदी आयकर जमा करता है।”
शाह ने कहा कि आबादी का 99 फीसदी नकद में लेनदेन करता है और आयकर नहीं जमा करता। सरकार के कदम से खुदरा दुकानदारों को परेशानी पेश आ रही है।
उन्होंने कहा कि बाजार की अनिश्चितता को देखते हुए हम सरकार से वैट, पेट्रोल-डीजल टैक्स, बिजली दरें, बस-ट्रेन की टिकट दरें और डेबिट-क्रेडिट कार्ड के चार्ज में छूट मांग रहे हैं। साथ ही हम आयकर स्लैब को भी घटाने की मांग कर रहे हैं।
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