महाराष्ट्र पुलिस की सूचना के बाद सरगुजा के महानिरीक्षक (आईजी) दीपांशु गुप्ता ने जशपुर के एस.पी. प्रशांत ठाकुर को सभी तरफ कड़ी नाकेबंदी करने के निर्देश दिए थे। इस सूचना पर झारखंड और ओड़िशा की सीमा पर पुलिस ने वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी थी।
झारखंड सरहद पर स्थित लोदाम थाना प्रभारी अरविंद मिश्रा ने पुलिस की टीम के साथ जब महारष्ट्र की कार (एमएच 42 वी 9095) की जांच की तो इसमें सवार युवकों पर संदेह हुआ। पुलिस की टीम ने इस वाहन में सवार विकेश मुके, चांद खान पठान, सज्जाद शेख, निकेश, छगन मेश्राम, परवेज शेख, यश, दीपक, प्रसन्नजीत हलधर व नानटू हलधर को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो इन सभी ने गुनाह कबूल कर लिया।
जशपुर पुलिस को महाराष्ट्र के शराब माफिया के फरार होने की सूचना के महज आधा घंटा के भीतर वाहन सहित सभी आरोपी पकड़ लिए जाने के बाद आईजी हिमांशु गुप्ता ने लोदाम थाना प्रभारी अरविंद मिश्रा का 5 हजार रुपये नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। जशपुर के एसपी ने भी इस मामले में पुलिसकर्मियों को पुरस्कार देने की बात कही है।
जशपुर के एसपी ने इस गंभीर मामले की स्वयं देखरेख की और महज आधे घंटे के भीतर शराब माफिया को वाहन सहित घर दबोचा गया।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने जशपुर पुलिस को दी बधाई दी है।
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