मुंबई, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार ने हल्के वाहनों और राज्य परिवहन की बसों को राज्य के 53 टोल नाकों पर छूट देने का फैसला किया है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को यह घोषणा की।
फडणवीस ने विधानसभा में कहा कि इसके अलावा राज्य में 12 टोल नाकों को हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा। उनके इस ऐलान पर विधानसभा के सदस्यों ने मेज बजाकर अपनी खुशी जाहिर की।
यह महत्वपूर्ण निर्णय हालांकि मुंबई के पांच प्रवेश और निकास द्वार, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और कोल्हापुर के टोल नाकों पर लागू नहीं होगा। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे से राज्य में सबसे अधिक कमाई होती है।
लोक निर्माण विभाग मंत्री एकनाथ शिंदे ने संवाददाताओं से कहा कि इस फैसले से सरकार पर प्रतिवर्ष लगभग 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। इसकी प्रतिपूर्ति महाराष्ट्र सड़क विकास निगम और महाराष्ट्र लोक निर्माण विभाग को की जाएगी।
जहां तक मुंबई के प्रवेश और निकास स्थलों के अलावा मुबंई-पुणे एक्सप्रेसवे का सवाल है, उन्होंने कहा कि 90 फीसदी उपयोगकर्ता छोटे वाहनों वाले हैं इसीलिए इसका आकलन अलग से करने की जरूरत है। इसके संबंध में लिए गए फैसले की घोषणा 31 जुलाई तक की जाएगी।
आधिकारिक अनुमानों के मुताबिक दहिसर, ठाणे, मुलुंड, एरोली और वाशी में स्थित प्रवेश और निकास स्थान से सरकार को हर साल 4,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है।
कोल्हापुर टोल नाके के संबंध में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली एक समिति अध्ययन करेगी और 31 मई तक अपनी रपट और सिफारिशें सौंपेगी।
राज्य सरकार एक जून से नई टोल नीति लागू करने की तैयारी में है।
शिंदे ने इस कदम को भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के गठबंधन की सरकार के चुनावी वादे की पूर्ति बताया।
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