नई दिल्ली, 8 सितम्बर (आईएएनएस)। मनी लांडरिंग के मामले गिरफ्तार मांस निर्यातक मोइन अख्तर कुरैशी को शुक्रवार को 22 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि कुरैशी ने जमानत की मांग की थी।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश अरुण भारद्वाज ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कुरैशी की जमानत याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए 16 सितंबर तक का वक्त दिया है।
अदालत ने कुरैशी को उसके हिरासत की चार दिन की अवधि पूरी हो जाने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
कुरैशी को ईडी ने 25 अगस्त को गिरफ्तार किया था।
उस पर कथित अवैध विदेशी मुद्रा लेन-देन और कर चोरी को लेकर साल 2016 में प्रीवेंशन ऑफ मनी लांडरिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
वित्तीय अपराधों की जांच करनेवाली एजेंसी के मुताबिक, हवाला चैनलों के माध्यम से दुबई, लंदन और यूरोप के कुछ अन्य स्थानों पर कथित रूप से धन भेजने के लिए कुरैशी की जांच की जा रही है।
ईडी ने कहा कि जांच के दौरान कुछ तथ्य मिले हैं कि कुरैशी के साथ बड़े अधिकारियों की भी संलिप्तता है।
एजेंसी ने यह भी कहा कि आयकर विभाग से एकत्र किए गए रिकॉर्ड से पता चला था कि कुरैशी ने अपने व्यक्तिगत प्रभाव का इस्तेमाल कर सरकारी अधिकारियों को प्रभावित किया।
कुरैशी ने इन आरोपों का खंडन किया है।
dharmpath.com dharmpath