नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने बुधवार को कहा कि वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किया गया आम बजट संकुचनकारी है, जो अर्थव्यवस्था को विस्तारित करने में विफल है।
नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने बुधवार को कहा कि वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किया गया आम बजट संकुचनकारी है, जो अर्थव्यवस्था को विस्तारित करने में विफल है।
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा, “हम इसे संकुचनकारी बजट कहते हैं, यह विस्तारवादी बजट नहीं है, क्योंकि यह घरेलू मांग बढ़ाने वाला नहीं है। इसमें राजस्व खर्च में कमी है, रोजगार सृजन नहीं है और यह परोक्ष करों में वृद्धि करने वाला है, जिससे आम आदमी पर बोझ बढ़ेगा।”
येचुरी ने कहा कि आयकर राहत से होने वाला राजस्व नुकसान लगभग 20,000 करोड़ रुपये होगा और सरकार उत्पाद शुल्क, सीमा शुल्क, सेवा कर जैसे परोक्ष करों के जरिए इसकी भरपाई करना चाहती है।
येचुरी ने कहा, “आयकर दर में राहत देकर वे उन लोगों को राहत दे रहे हैं, जो कर देने में सक्षम हैं, लेकिन परोक्ष कर बढ़ाकर वे आम आदमी पर बोझ बढ़ा रहे हैं।”
उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत कोष बढ़ाने के सरकार के दावे पर भी सवाल किया।
येचुरी ने कहा, “पिछले वर्ष मनरेगा पर खर्च 47,400 करोड़ रुपये था। इस वर्ष यह 48,000 करोड़ रुपये प्रस्तावित है। अब इसमें क्या अंतर है?”
माकपा नेता ने कहा कि ग्रामीण खर्च पर 9,000 करोड़ रुपये की वृद्धि वास्तव में बहुत छोटी राशि है।
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