नई दिल्ली, 28 मार्च (आईएएनएस)। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने सोमवार को कहा कि हरीश रावत सरकार की बर्खास्तगी और उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाना ‘लोकतंत्र पर निर्लज्जतापूर्ण प्रहार है।’
माकपा ने अपने बयान में इसे संवैधानिक नियमों का घोर उल्लंघन भी बताया है।
बयान के मुताबिक, “चूंकि मुख्यमंत्री (हरीश रावत) के विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने से एक दिन पूर्व यह कार्रवाई की गई, इसलिए यह कार्रवाई अवैध और असंवैधानिक है।”
बयान में कहा गया, “उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाना और इससे पूर्व अरुणाचल प्रदेश में ऐसा किया जाना यह दर्शाता है कि नरेंद्र मोदी सरकार विपक्ष की सरकारों को गिराने के लिए अनुच्छेद 356 का इस्तेमाल कर रही है। इसकी इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।”
बयान के मुताबिक, “इसका सीधा-सा उपाय यह है कि संविधान से अनुच्छेद 356 को खत्म कर दिया जाए और सर्वोच्च न्यायालय इस (उत्तराखंड) मामले को प्राथमिकता के आधार पर ले।”
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