इस मामले में मृतका नीतू के पिता सुरेश ने गांव के ही युवक मनोज के खिलाफ मामला दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस की जांच में जो कुछ सामने आया वह हैरान कर देने वाला था, क्योंकि घटना में नीतू के हत्यारे और कोई नहीं, बल्कि उसे जन्म देने वाले उसके मां-बाप ही थे।
पुलिस अधीक्षक सिटी राजेश कुमार ने बताया कि बीती 24 मार्च को कोतवाली देहात इलाके के अड़ौली गांव के निवासी सुरेश ने कोतवाली देहात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गांव के ही मनोज पुत्र खड़ग सिंह ने उसकी 15 वर्षीय बेटी नीतू का अपहरण कर उसकी हत्या कर शव को गांव के ही जंगल में फेंक दिया था। जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच के दौरान पुलिस को चौंकाने वाले तथ्य मिले और नीतू की हत्या में उसके मां-बाप ही संलिप्त मिले।
ऐसे में पुलिस ने नीतू के पिता सुरेश व मां भानवती उर्फ ओमवती को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सुरेश व उसकी पत्नी भानवती ने बताया कि उनकी लड़की गांव के ही युवक मनोज से प्यार करती थी। जिसके चलते बदनामी के डर से उन्होंने अपनी बेटी की गला दबाकर हत्या कर उसके शव को जंगल में फेंक दिया था। और मनोज को आरोपी बना उसे जेल भिजवाने की पूरी तैयारी कर दी थी, लेकिन पुलिस की सक्रियता से निर्दोश मनोज जेल जाने से बच सका।
dharmpath.com dharmpath