पेरिस, 27 मई (आईएएनएस)। मिस्र में ईसाइयों से भरी एक बस को निशाना बनाकर किए गए हमले के बाद फ्रांस ने उसके साथ एकजुटता दर्शाई है। इस क्रम में शुक्रवार रात एफिल टावर की लाइट्स बंद कर दी गईं।
मिस्र के मिनया प्रांत में कॉप्टिक ईसाइयों से भरी बस पर एक बंदूकधारी द्वारा ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दिए जाने की घटना में 28 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए।
समाचार एजेंसी एफे न्यूज के मुताबिक, इस हमले के शिकार कॉप्टिक समुदाय के प्रति संवेदना जाहिर करते हुए हमले के विरोध में पेरिस की मेयर ऐनी हिडाल्गो ने शुक्रवार को ट्विटर के जरिए लाइट बंद किए जाने की घोषणा की।
हिडाल्गो ने मिस्र में एक बार फिर ईसाई समुदाय को बर्बरतापूर्वक और कायरतापूर्वक निशाना बनाए जाने पर दुख जताया और कहा कि उनकी संवेदना हमले के शिकार हुए लोगों और उनके परिवार के साथ हैं।
उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में बताया कि मिस्र के कॉप्टिक समुदाय के प्रति संवदेना जताते हुए प्रतीकात्मक रूप से एफिल टॉवर की लाइट शुक्रवार रात को 12:45 बजे (स्थानीय समयानुसार) से बंद कर दी जाएगी।
पेरिस के पश्चिम में 1889 में बना एफिल टॉवर दुनियाभर में पर्यटकों द्वारा सबसे ज्यादा देखे जाने वाले स्मारकों में से एक है।
इससे पहले ब्रिटेन के मैनचेस्टर हमले में मारे गए 22 लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए 23 मई को एफिल टॉवर की लाइट बंद कर दी गई थी।
फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां-ईव्स ली ड्रायन ने हमले की निंदा करते हुए कहा, “मैं मिस्र में हुए कायर व बर्बरतापूर्ण हमले की निंदा करता हूं। किसी को भी अपनी आस्था के अनुसार अपना जीवन जीने को लेकर किसी तरह का भय नहीं होना चाहिए। यह उनका मौलिक अधिकार है।”
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