उत्तर प्रदेश सरकार ने जब से यश भारती पुरस्कार प्राप्त करने वाले व्यक्तियों को 50,000 रुपये प्रति माह पेंशन देने की योजना बनाई है, तब से इस सम्मान को चाहने वालों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है।
बताया जा रहा है कि अभिनेता राज बब्बर की पत्नी नादिरा बब्बर, क्रिकेटर योगेश प्रवीण, शास्त्रीय गायिका गिरिजा देवी, मेदांता के चेयरमैन डॉ. नरेश त्रेहन, समाजसेविका व गायिका सुरभि रंजन और फिल्म निर्देशक विशाल भारद्वाज कई नाम चीन हस्तियों ने आवेदन किया है। इनमें से डॉ. नरेश त्रेहन, सुरभि रंजन और विशाल भारद्वाज समेत संभावित 35 नामों की चर्चा की जा रही है।
इस चर्चा के साथ इन नामों पर विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं। यश भारती सम्मान के लिए सुरभि रंजन के नाम पर विचार की बात सामने आने पर विरोध जताते हुए आईपीएस अमिताभ ने अपने लिए भी यह पुरस्कार मांगा है। वह पुलिस अधिकारी होते हुए भी सामाजिक कार्यकर्ता की तरह काम करते रहे हैं।
उन्होंने कहा है कि सम्मान के लिए व्यक्तियों का चयन अगर सही तरीके से नहीं किया गया तो वह इसके खिलाफ अदालत का दरवाजा भी खटखटा सकते हैं।
आईपीएस अमिताभ ने अखिलेश को लिखे अपने पत्र में कहा है कि निकट भविष्य में संभावित इन पुरस्कारों में 35 नामों की चर्चा है, जिसमें सरकार के मुख्य सचिव आलोक रंजन की पत्नी सुरभि रंजन का नाम समाजसेविका और गायिका के रूप में बताया जा रहा है।
अमिताभ ने कहा कि पति के मुख्य सचिव होने के कारण सुरभि के नाम पर वैसे भी प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के अनुसार विचार नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही उनके और उनकी सामाजिक कार्यकर्ता पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर के पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के क्षेत्र में किए गए कार्य निश्चित रूप से सुरभि रंजन व कई अन्य से श्रेष्ठतर हैं। उनके कार्यो का ब्योरा इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि इस पुरस्कार के साथ 50,000 रुपये प्रति माह का पेंशन जोड़ दिया गया है। ये पुरस्कार एक स्पष्ट पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दिए जाएं, न कि मनमाने ढंग से।
अमिताभ ने कहा कि यदि ये पुरस्कार मनमाने तरीके से दिए गए या उन्हें यह पुरस्कार नहीं दिया गया और अभिलेखों से यह स्पष्ट नहीं हो सका कि चयन किस आधार पर हुआ है, तो वे निश्चित रूप से इस संबंध में अदालत जाएंगे। अमिताभ ठाकुर इससे पहले भी एक बार यश भारती की मांग कर चुके हैं।
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