गोरखपुर से मुंबई जाने वाली ट्रेन में स्कॉटिंग कर रहे आरपीएफ के जवानों की गश्त के दौरान एक कोच में लावारिस हॉलत में बैठे तीन बच्चों पर नजर पड़ी। संदेह होने पर आरपीएफ ने उन्हें अपनी सुपुर्दगी में ले लिया और थाने ले आई। जहां पूछताछ के दौरान तीनों ने आपना नाम आमिर पुत्र हसमत उल्ला, महताब पुत्र सलाउदउद्दीन और रहमत उल्ला पुत्र नेहरोआलम निवासीगण सिद्वार्थ नगर ग्राम बकरिया थाना मोहना बताया।
आरपीएफ जवानों के अनुसार आमिर कक्षा 9 का छात्र, महताब प्रथम का छात्र और रहमत भी उनके साथ पढ़ता है। आमिर के पिता सऊदी में काम करते हैं। गांव में वह अपने चाचा और मां के साथ रहता है। चाचा पढ़ाई को लेकर उसे डांटते हैं। जिस कारण उसने घर छोड़कर मुम्बई जाने का निर्णय लिया।
इधर जब यह बात उसके दोनों अन्य साथियों महताब और रहमत को हुयी तो उन्होंने मुम्बई की ऊंची-ऊंची इमारतें और चमक-दमक देखने लिय घर भगाने का निर्णय बना लिया। इसके तीनों अपने-अपने घर से भागे और ट्रेन में बैठ गये। मामले की जानकारी कर इसकी सूचना तीनों बच्चों परिजनों को दे दी।
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