मंसूर पाकिस्तान में वली मुहम्मद के नाम से रह रहा था। उसे 21 मई को दक्षिणपश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत में अमेरिकी ड्रोन हमले में मार गिराया गया।
घटनास्थल से एक पाकिस्तानी कंप्यूटरीकृत पहचान-पत्र मिला था, जिसमें शख्स का नाम वली मुहम्मद और पता कराची बताया गया है। इन्हीं आधारों पर पाकिस्तान ने शुरू में अमेरिकी हमले में मंसूर के नहीं, बल्कि पाकिस्तानी शख्स के मारे जाने की बात कही थी। हालांकि बाद में अमेरिकी दावा सही साबित हुआ कि मरने वाला शख्स तालिबान सरगना मंसूर ही था।
पाकिस्तान के गृह मंत्रालय प्रवक्ता ने कहा कि बलूचिस्तान में लेवीज बल में मेजर के तौर पर कार्यरत अजीज अहमद ने 2001 में वली मुहम्मद के लिए पाकिस्तानी पहचान पत्र सत्यापित किया था।
उन्होंने कहा कि अन्य शख्स रिफात इकबाल था। राष्ट्रीय डेटाबेस एवं पंजीकरण प्राधिकरण (एनएआरडीए) के इस अधिकारी ने वली मुहम्मद की दूसरी पत्नी और बच्चे को पाकिस्ताानी नागरिकता दिलाने में मदद की थी।
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