मृत्युदंड के खिलाफ डी. राजा ने व्यक्तिगत प्रस्ताव पेश किया

नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। मुंबई बम विस्फोट के दोषी याकूब मेमन की फांसी की सजा पर जारी बहस के बीच राज्यसभा ने देश में मृत्युदंड समाप्त करने के लिए शुक्रवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता डी. राजा के व्यक्तिगत प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।

व्यक्तिगत प्रस्ताव सरकार द्वारा नहीं, बल्कि व्यक्तिगत सदस्य द्वारा पेश किया जाता है।

भाकपा नेता द्वारा लाए गए प्रस्ताव के मुताबिक, “किसी व्यक्ति द्वारा किए गए अपराध के लिए उसे मृत्युदंड देना न्यायशास्त्र के अनुरूप नहीं है।”

डी.राजा के इस प्रस्ताव में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय द्वारा किए गए एक शोध का हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि आतंकवाद संबंधित मामलों में मृत्युदंड पाए 94 प्रतिशत लोग दलित जाति या फिर अल्पसंख्यक समूहों से हैं।

राजा विभिन्न मामलों में मृत्युदंड का विरोध करते रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रपति को भेजी गई मेमन की दया याचिका पर भी हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने कहा, “आंख के बदले आंख भारतीय न्यायशास्त्र का हिस्सा नहीं है।”

राजा ने आईएएनएस से कहा, “जब तक सरकार और संसद में मृत्युदंड पर कोई फैसला नहीं हो जाता, तबतक देश में मृत्युदंड पर रोक लगा देनी चाहिए।”

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493