मुंबई, 18 फरवरी (आईएएनएस)। देश में विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आयोजित सबसे बड़ा कार्यक्रम ‘मेक इन इंडिया सप्ताह’ गुरुवार को यहां समाप्त हो गया, जिसमें 15 लाख करोड़ रुपये (220 अरब डॉलर) से अधिक निवेश का वादा मिला।
मुख्य आयोजक औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) के सचिव अमिताभ कांत ने कहा कि आयोजन के दौरान 15,20,000 करोड़ रुपये निवेश का वादा मिला।
आयोजक राज्य महाराष्ट्र के लिए आठ लाख करोड़ रुपये का वादा मिला, जो कुल निवेश प्रस्ताव के 50 फीसदी से अधिक है।
इस आयोजन में करीब 10 लाख दर्शक, 8,245 बैठकें, 1,245 भारतीय और विदेशी वक्ता, 215 प्रदर्शक और 102 देश शामिल हुए।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए अमिताभ कांत ने आयोजन को अत्यधिक सफल करार देते हुए कहा, “महाराष्ट्र भारत के लिए प्रवेश द्वारा बनने वाला है।”
राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि आधा से अधिक प्रस्ताव उनके राज्य के लिए है। उन्होंने कहा, “हमने विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों के साथ आठ लाख करोड़ रुपये के निवेश सहमति पत्रों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।”
कुल निवेश प्रस्ताव में से 30 फीसदी निवेश विदेशी निवेशकों के हैं।
कांत ने कहा, “हमने अर्थव्यवस्था को दुनिया के लिए खोल दिया है। अब हम देश में विनिर्माण के लिए प्रदर्शन, सहयोग और संपर्क कर रहे हैं।”
महाराष्ट्र को सरकार को फ्यूचर समूह (850 करोड़ रुपये), ट्रेंट हाइपरमार्केट (400 करोड़ रुपये), डी-मार्ट (250 करोड़ रुपये), मेट्रो शूज (50 करोड़ रुपये), शॉपर्स स्टॉप (50 करोड़ रुपये) और मेजर ब्रांड्स (50 करोड़ रुपये) से भी निवेश का वादा मिला है।
आयोजन में कर्नाटक को 9,700 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव मिला है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी को आयोजन का उद्घाटन किया था। इसमें महिंद्रा समूह, सज्जन जिंदल समूह, मर्सिडीज-बेंज, गोदरेज, पॉस्को, वेदांता, आईकिया और टाटा जैसे औद्योगिक घराने ने निवेश की प्रतिबद्धता जताई।
बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने आयोजन में अपने वक्तव्य में कहा कि उनके क्षेत्र को 1,000 अरब डॉलर निवेश की जरूरत है।
पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान और भारी उद्योग मंत्री अनंत गीते ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में निवेश की संभावना की जानकारी दी।
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