धार, 7 अगस्त (आईएएनएस)। सरदार सरोवर बांध से डूब में आने वालों के हक के लिए नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री मेधा पाटकर और 11 अन्य का बेमियादी उपवास सोमवार को 12वें दिन भी जारी है। उनका स्वास्थ्य बिगड़ रहा है, मगर सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
धार, 7 अगस्त (आईएएनएस)। सरदार सरोवर बांध से डूब में आने वालों के हक के लिए नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री मेधा पाटकर और 11 अन्य का बेमियादी उपवास सोमवार को 12वें दिन भी जारी है। उनका स्वास्थ्य बिगड़ रहा है, मगर सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
पूर्ण पुनर्वास के बाद ही विस्थापन की मांग को लेकर मेधा अन्य 11 लोगों के साथ 27 जुलाई से अनिश्चितकालीन उपवास पर हैं। धार जिले के चिखिल्दा में चल रहे उपवास को विभिन्न दलों से लेकर सामाजिक संगठनों का साथ मिल रहा है।
नर्मदा बचाओ आंदोलन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता अमूल्य निधि ने आईएएनएस को बताया, “मेधा के स्वास्थ्य में काफी गिरावट आई है। यहां भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है, जिसके चलते लोग डरे हुए हैं। सरकार ने एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को भेजा था, उसके बाद से उसकी ओर से कोई कदम नहीं बढ़ाया गया है और न ही बातचीत का प्रयास किया गया है।”
मेधा की बिगड़ती तबीयत को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी चिंता जता चुके हैं और उनसे उपवास खत्म करने का आग्रह कर चुके हैं। उन्होंने इंदौर के संभागायुक्त संजय दुबे, अपर सचिव चंद्रशेखर बोरकर के साथ भय्यूजी महाराज को शनिवार को मेधा से संपर्क करने भेजा था, मगर बात नहीं बनी।
ज्ञात हो कि सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई 138 मीटर किए जाने से मध्य प्रदेश की नर्मदा घाटी के 192 गांव और इनमें बसे 40 हजार परिवार प्रभावित होने वाले हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने 31 जुलाई तक पूर्ण पुनर्वास के बाद ही विस्थापन और बांध की ऊंचाई बढ़ाने का निर्देश दिया था। जहां नई बस्तियां बसाने की तैयारी चल रही हैं, वहां के हालत रहने लायक नहीं हैं।
मेधा अपनी मांगों पर अडिग हैं, और उनका कहना है कि पहले सरदार सरोवर के जो गेट बंद किए गए हैं, उन्हें खोला जाए, पूर्ण पुनर्वास हो, उसके बाद ही विस्थापन किया जाए। इसके लिए सरकार सीधे संवाद करे।
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