बीजिंग, 22 अगस्त (आईएएनएस)। विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप-2015 के पहले दिन शनिवार को पुरुषों की मैराथन दौड़ में इरिट्रिया के 20 साल के धावक घिरमे घिब्रेसलैसी ने स्वर्ण पदक जीतने के बाद खुशी जाहिर की और कहा कि उन्हें इस जीत पर गर्व है।
घिब्रेसलैसी ने स्पर्धा में 42.195 किलोमीटर की दूरी दो घंटे 12.28 मिनट में पूरी कर बीजिंग विश्व चैम्पियनशिप में अपने देश का स्वर्ण पदक से खाता खोला।
घिब्रेसलैसी ने अपनी जीत पर खुशी जताते हुए कहा, “मैं नहीं बता सकता कि मुझे कैसा महसूस हो रहा है। मैं बहुत खुश हूं और मुझे अपनी जीत पर गर्व है। यह मेरे देश के इतिहास की खास उपलब्धियों में से है।”
वायुमंडल का तापमान 28 डिग्री से अधिक होने के बावजूद अपने लक्ष्य को पार करने वाले घिब्रेसलैसी ने कहा, “मैं बचपन में इसी तरह के वातावरण में रहता आया हूं, इसीलिए मुझे इसके लिए खास तैयारियां नहीं करनी पड़ी।”
घिब्रेसलैसी ने बताया कि शुरुआत में उन्हें परिवार वालों से भी खास समर्थन नहीं मिला, यहां तक कि उनके कोच भी उन्हें प्रतिभाशाली नहीं समझते थे।
उन्होंने कहा, “मेरे माता-पिता चाहते थे कि मैं अपनी पढ़ाई पूरी करूं, लेकिन मैं एक महान एथलीट बनना चाहता था। शुरुआत में मेरे कोच भी मुझे प्रतिभाशाली नहीं मानते थे, लेकिन 11 वर्ष की अवस्था से मुझे मेरी क्षमताओं का आभास हुआ।”
अब घिब्रेसलैसी को रियो ओलंपिक खेलों का इंतजार है। उनके अनुसार यह हर किसी के लिए उनके सपनों की जगह है।
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