नई दिल्ली-भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने मैगी नूडल्स के एक पैकेट में कीड़े मिलने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नेस्ले इंडिया को नोटिस जारी किया है। नियामक संस्था ने कंपनी से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगने के साथ-साथ तत्काल एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) सौंपने को कहा है। शिकायत से जुड़े बैच को बाजार से हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसी क्रम में खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता संबंधी शिकायतों को लेकर केएफसी, फ्लिपकार्ट इंडिया और ओपन सीक्रेट को भी नोटिस भेजे गए हैं।
एफएसएसएआई ने नेस्ले से तीन प्रमुख पहलुओं पर विस्तृत जानकारी मांगी है। सबसे पहले कंपनी को यह बताना होगा कि विवादित बैच के उत्पादन में इस्तेमाल किया गया कच्चा माल किन सप्लायर्स से प्राप्त हुआ था और उत्पाद बाजार में भेजने से पहले उसकी गुणवत्ता जांच किस प्रकार की गई थी। इसके अलावा कंपनी से पूछा गया है कि शिकायत सामने आने के बाद संबंधित बैच तथा उससे प्रभावित हो सकने वाले अन्य उत्पादों को बाजार और सप्लाई चेन से हटाने के लिए क्या कदम उठाए गए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली में किए जाने वाले सुधारों की भी जानकारी मांगी गई है।
भारत में मैगी की शुरुआत साल 1984 में हुई थी। शुरुआत में इसे उन उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर पेश किया गया था जो कम समय में भोजन तैयार करना चाहते थे। आर्थिक उदारीकरण के बाद बदलती जीवनशैली और व्यापक विज्ञापन अभियानों की बदौलत मैगी देश के करोड़ों परिवारों की रसोई तक पहुंच गई। आज यह नेस्ले इंडिया के सबसे मजबूत ब्रांड्स में गिनी जाती है। यही कारण है कि इससे जुड़ा कोई भी गुणवत्ता या खाद्य सुरक्षा विवाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन जाता है।
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