नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने सोमवार को कहा कि भारतीय तेल कंपनियां मोजांबिक के रोवुमा क्षेत्र-1 समुद्री ब्लॉक में 2019 तक छह अरब डॉलर अतिरिक्त निवेश करेंगी, जिसमें कंपनियों ने पहले ही छह अरब डॉलर निवेश किया हुआ है।
प्रधान ने यहां संवाददाताओं से कहा, “मोजांबिक में हमने छह अरब डॉलर से अधिक निवेश किया है। रोवुमा क्षेत्र-1 फील्ड का विकास करने के लिए छह अरब डॉलर और निवेश किया जाएगा।”
ओएनजीसी विदेशी लिमिटेड, ऑयल इंडिया और भारत पेट्रोलियम ने इस ब्लॉक में 30 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है। ये कंपनियां एलएनजी परियोजना में भी शिरकत करेंगी।
उन्होंने कहा, “रोवुमा क्षेत्र-1 का जल्द-से-जल्द दोहन शुरू करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हमें उस देश के कानून का भी पालन करना है।”
मंत्री हाल ही में मोजांबिक की यात्रा पूरी करके लौटे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा के दौरान एक संयुक्त कार्यबल उनसे मोजांबिक में मिला था।
उन्होंने बताया कि अगस्त में मोजांबिक के तेल एवं गैस क्षेत्र का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत आएगा।
मोजांबिक से एलएनजी आयात पर मंत्री ने कहा कि पहली खेप 2019 तक आने की उम्मीद है और ब्लॉक को संचालित करने वाली कंपनियों के समूह ने आपूर्ति को लेकर गेल जैसी भारतीय कंपनियों से बातचीत शुरू भी कर दी है।
अमेरिकी कंपनी अनाडार्को पेट्रोलियम कॉरपोरेशन रोवुमा-1 की परियोजना संचालक कंपनी है। परियोजना में शामिल अन्य कंपनियों में शामिल हैं मोजांबिक की एंप्रेसा नैसियोनल डी हाइड्रोकार्बोनेटोस, जापान की मित्सुई और थाईलैंड की पीटीटी एक्स्प्लोरेशन एंड प्रोडक्शन।
गैस के अभाव में देश में 18 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता का उपयोग नहीं हो पा रहा है। साथ ही 10 हजार मेगावाट की अन्य परियोजनाएं मंजूरी का इंतजार कर रही हैं।
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