नई दिल्ली, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री कार्यालय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने वाले लोगों के बारे में जानकारी देने से मना कर दिया है। सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत आवेदक को इसकी जानकारी देने से मना करते हुए पीएमओ ने कहा कि ऐसा करना देश की सुरक्षा व अखंडता के लिए घातक होगा।
आरटीआई के तहत जानकारी मांगने वाले आवेदक रोहित कुमार ने पीएमओ के जवाब को हास्यास्पद करार देते हुए कहा कि वह इसके खिलाफ न्यायालय में अपील करेंगे।
पीएमओ के मुख्य सार्वजनिक सूचना अधिकारी (सीपीआईओ) ने देश की संप्रभुता, अखंडता, सुरक्षा व सामरिक हितों को खतरे का हवाला देते हुए कालिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रीयल टेक्नोलॉजी में तृतीय वर्ष के छात्र रोहित कुमार के आरटीआई का जवाब देने से मना कर दिया।
पीएमओ ने अपने जवाब में कहा, “प्रधानमंत्री सरकारी कार्यो व अन्य मुद्दों को लेकर औपचारिक तथा अनौपचारिक तौर पर लोगों से मिलते रहते हैं। इसका खुलासा करने से भारत की संप्रभुता व अखंडता, सुरक्षा, रणनीति, देश के वैज्ञानिक व आर्थिक हितों तथा विदेश संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।”
वहीं, निराश रोहित कुमार ने कहा, “यह हास्यास्पद है। प्रधानमंत्री से मिलने वाले लोगों के बारे में खुलासे से देश की संप्रभुता, एकता व अखंडता पर कैसे प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा?”
उसने ई-मेल के माध्यम से आईएएनएस से कहा कि सूचना देने से मना करने के फैसले को वह अदालत में चुनौती देंगे।
रोहित ने कहा, “आरटीआई आवेदनों को रद्द करने के मामले में पीएमओ अव्वल है। सरकार का शासन में इस तरह की अपारदर्शिता देश की लोकतांत्रिक संरचना के लिए खतरनाक है।”
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