नई दिल्ली/श्रीनगर, 12 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जम्मू एवं कश्मीर की हिंसा को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। इस हिंसा में 30 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने घाटी में शांति बनाए रखने की अपील की। घाटी में चौथे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा।
अफ्रीकी देशों के पांच दिवसीय राजकीय दौरे के बाद मंगलवार सुबह स्वदेश लौटे मोदी ने समीक्षा बैठक की, जिसमें अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा गृहमंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, वित्तमंत्री अरुण जेटली, रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, विदेश सचिव एस. जयशंकर और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी मौजूद थे।
इस बैठक में शुक्रवार को आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के सुरक्षा बलों के हाथों मारे जाने के बाद से हजारों प्रदर्शनकारियों एवं सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में से उपजे हालात की समीक्षा की गई।
हजारों प्रदर्शकारियों एवं सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों के दौरान अबतक हिंसा में 33 लोगों की मौत हुई है। करीब 1400 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई गंभीर रूप से घायल हैं।
प्रधानमंत्री ने भी घाटी में हिंसा को लेकर चिंता जताई है, जहां मंगलवार को लगातार चौथे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने बैठक समाप्त होने के तुरंत बाद संवाददाताओं से कहा, “प्रधानमंत्री ने जम्मू एवं कश्मीर की जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है, ताकि घाटी में सामान्य स्थिति बहाल हो सके और किसी भी निर्दोष का जीवन बाधित नहीं हो।”
जितेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार को हर तरह की सहायता एवं मदद का भरोसा दिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री घाटी की घटनाओं पर बराबर नजर रख रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी उम्मीद जताई है कि निर्दोष जनता को असुविधा नहीं होनी चाहिए और उन्होंने अमरनाथ यात्रा को लेकर संतोष जताया।
कश्मीर घाटी में कर्फ्यू के बीच जारी हिंसा पर काबू करने के लिए प्रशासन मंगलवार को भी जूझता रहा।
पुलिस ने कहा कि सड़कों पर हिंसा रोकने के लिए और हिंसा का मुकाबला करने के लिए लगभग पूरी घाटी में कर्फ्यू जारी रहेगा।
अलगाववादी गुटों ने घाटी में अपने बंद की अवधि बुधवार तक बढ़ा दी है।
नेशनल कांफ्रेंस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक ट्वीट में उच्चस्तरीय बैठक में जम्मू एवं कश्मीर का प्रतिनिधित्व नहीं होने को लेकर सवाल उठाया।
अब्दुल्ला ने कहा कि वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की उपस्थिति सुनिश्चित की जानी चाहिए थी।
इस बीच मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शाम को अपने एक वीडियो संबोधन में कश्मीरवासियों से हिंसा त्याग कर राज्य में अमन-चैन बहाल करने में मदद मांगी।
घाटी के मौजूदा हालात पर टिप्पणी करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के शासनकाल में कश्मीर में जो हासिल किया गया था, वह मोदी सरकार की भाग्यवादी नीतियों के कारण समाप्त हो गया।
राहुल सोमवार रात जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना असद मदनी द्वारा आयोजित ईद मिलन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी में स्थिति से खराब ढंग से निपटने की वजह से वहां स्थिति बिगड़ी है।
एमआईएम के प्रमुख असद्दुदीन ओवैसी ने कश्मीर घाटी की हिंसा पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की।
हैदराबाद के सांसद ने कहा कि हिंसा के इस दुष्चक्र को किस तरह समाप्त किया जाए, इस पर विचार करने के लिए और सड़कों पर प्रदर्शन के दौरान मारे गए लोगों के प्रति सहानुभूति जताने के लिए बैठक बुलाई जानी चाहिए।
मौलवियों के एक दल ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की और कश्मीर घाटी में सामान्य स्थिति बहाल करने के उपायों पर चर्चा की।
मौलवियों ने कहा कि मंत्री ने घाटी में शांति बहाल करने के लिए हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया।
आल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ इमाम्स ऑफ मास्क्स के उमर अहमद इलियासी ने बाद मे मीडिया से कहा कि वे लोग कश्मीर का दौरा करेंगे और जनता से खासकर धार्मिक नेताओं से घाटी में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए मदद की गुजारिश करेंगे।
इलियासी ने कहा कि वह अन्य मुस्लिम धार्मिक नेताओं के साथ मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से भी मुलाकात करेंगे।
इस बीच हिंदू तीर्थयात्रियों की वार्षिक अमरनाथ यात्रा दो दिनों तक स्थगित रहने के बाद सोमवार से फिर शुरू हुई। भारत के विभिन्न राज्यों से तीर्थयात्रियों को लेकर लगभग 300 वाहन कश्मीर घाटी में सोमवार की रात प्रवेश किए।
इस वार्षिक तीर्थ यात्रा का प्रबंध करने वाले श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के एक अधिकारी ने कहा, “सभी सुरक्षित ढंग से बालटाल स्थित आधार शिविर (उत्तरी कश्मीर में) पहुंच गए हैं और अब जत्थों में गुफा की ओर बढ़ रहे हैं।”
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