चेन्नई, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को यहां अपने भाषणों में कावेरी जल विवाद के ज्वलंत मुद्दे का कोई जिक्र नहीं किया।
कावेरी नदी के पानी के बंटवारे के मुद्दे पर कावेरी प्रबंधन बोर्ड (सीएमबी) का गठन करने में विफल रहने को लेकर तमिलनाडु में केंद्र सरकार के खिलाफ लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं और प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान यह प्रदर्शन और मुखर रहे।
प्रधानमंत्री ने रक्षा मंत्रालय की ओर से आयोजित 10वीं रक्षा प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद चेन्नई में अड्यार कैंसर इंस्टीट्यूट में एक जनसभा को संबोधित किया लेकिन उन्होंने सीएमबी के गठन का के बारे में कोई जिक्र नहीं किया।
सीएमबी के गठन का निर्देश सर्वोच्च न्यायालय ने कावेरी जल विवाद मामले में 16 फरवरी को अपने एक आदेश में दिया था। लेकिन, इसका गठन नहीं हो सका है।
इस मसले को लेकर राजनीतिक दलों समेत अन्य संगठनों ने पिछले दिनों प्रदेश में केंद्र सरकार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया और वे सीएमबी के गठन की मांग कर रहे हैं।
मोदी ने रक्षा व्यापार मेले में अपने भाषण के दौरान तमिलों को शनिवार को शुरू होने वाले नववर्ष के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने तमिल संत तिरुवल्लुवर के एक दोहे का भी उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा है कि जिस प्रकार खुदाई करने पर रेत से पानी के फव्वारे निकलते हैं, उसी प्रकार अध्ययन करने से ज्ञान बढ़ता है।
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