नई दिल्ली, 5 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने मंत्रिमंडल में 19 नए मंत्रियों को शामिल करते हुए एक बड़ा उलट-फेर किया। उन्होंने पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर की पदोन्नति करते हुए उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया और पांच कनिष्ठ मंत्रियों को मंत्रिमंडल से हटा दिया है।
राष्ट्रपति भवन में मंगलवार को शपथ लेने वाले सभी नए मंत्री भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से हैं। सिर्फ रामदेव अठावले भारतीय रिपब्लिकन पार्टी (आरपीआई) से हैं और अनुप्रिया पटेल उत्तर प्रदेश से अपना दल की सांसद हैं।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सभी नए मंत्रियों को यहां राष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की उपस्थिति में शपथ दिलाई। शपथ समारोह में अरुण जेटली, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, स्मृति ईरानी और चौधरी वीरेंद्र सिंह और भाजपा प्रमुख अमित शाह मौजूद रहे।
भाजपा के शीर्ष नेताओं में शुमार लालकृष्ण आडवाणी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अलग-अलग कारणों से इस कार्यक्रम में नहीं शामिल हो पाए।
विदेश मंत्री राजनयिक कार्यो में व्यस्तता के चलते शपथ समारोह में शामिल नहीं हो सकीं।
जिन पांच मंत्रियों को मंत्रिमंडल से हटाया गया है उनमें सांवर लाल जाट (जल संसाधन), निहालचंद (पंचायती राज), राम शंकर कठेरिया (मानव संसाधन), मनसुख भाई वसावा (जनजातीय मामले) और मोहनभाई कुंडारिया (कृषि) शामिल हैं। कठेरिया बाद में कट्टरपंथी हिंदूवादी राजनीति के पक्ष में मुखर हो गए थे।
कठेरिया ने आईएएनएस को बताया, “मुझे जिन कारणों से भी हटाया गया हो, लेकिन पार्टी अध्यक्ष ने कहा है कि मुझे भाजपा संगठन के लिए काम करना चाहिए।”
पहले जो कयास लगाए जा रहे थे कि चार से पांच राज्यमंत्री कैबिनेट मंत्री बनाए जाएंगे, वैसा नहीं हुआ। सिर्फ जावड़ेकर को ही पदोन्नत्ति मिली।
नए मंत्री उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और असम से लिए गए हैं। उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं और असम में मई में ही पहली बार भाजपा सत्तारूढ़ हुई है।
दिल्ली को भी प्रतिनिधित्व मिला है। विजय गोयल हालांकि राजस्थान से राज्यसभा में पहुंचे हैं, लेकिन दिल्ली के भाजपा अध्यक्ष रहे हैं।
राज्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वालों में फग्गन सिंह कुलस्ते, एस.एस. अहलुवालिया, रमेश चंदप्पा जिगजिगानी, विजय गोयल, रामदास अठावले, राजन गोहेन, अनिल माधव दवे, पुरुषोत्तम रुपाला, एम.जे. अकबर, अर्जुन राम मेघवाल, जसवंत सिंह भाभोर, महेंद्र नाथ पांडेय, अजय टम्टा, कृष्णा राज, मनसुख भाई मंडाविया, अनुप्रिया पटेल, सी.आर. चौधरी, पी.पी. चौधरी, सुभाष रामराव भामरे हैं।
इन मंत्रियों में 16 पहली बार मंत्री बने हैं, जबकि गोयल, अहलुवालिया और कुलस्ते पहले भी केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं।
राजनीतिक सूत्रों ने कहा कि दार्जिलिंग से लोकसभा सदस्य अहलुवालिया और मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य एम.जे. अकबर को अल्पसंख्यकों को रिझाने के लिए मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।
बनारस से लोकसभा के सदस्य नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में उनके अलावा उत्तर प्रदेश से मंत्रियों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है।
उत्तर प्रदेश से तीन और जो नए मंत्री बने हैं वे हैं अनुप्रिया पटेल (मिर्जापुर), महेंद्र नाथ पांडे (चंदौली) और कृष्णा राज (शाहजहांपुर) है। अनुप्रिया कुर्मी हैं, पांडे ब्राह्मण हैं और कृष्णा राज दलित हैं।
सर्वाधिक चार मंत्री भाजपा शासित राजस्थान से लिए गए हैं। ये हैं अर्जुन राम मेघवाल, पी.पी. चौधरी, सी.आर. चौधरी और विजय गोयल।
गुजरात को पुरुषोत्तम रुपाला, जसवंत सिंह बब्बर और मनसुख भाई मंडाविया के रूप में तीन मंत्री मिले हैं। ऐसा ही मध्य प्रदेश में भी हुआ है।
असम के राजेन गोहेन को मंत्रिमंडल में जगह मिली है। उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल को भी एक-एक मंत्री मिला है।
मंत्रिमंडल में 19 मंत्रियों को शामिल करने और पांच को बाहर करने के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में उन्हें मिलाकर कुल 78 सदस्य हैं।
मोदी ने 26 मई, 2014 को प्रधानमंत्री पद संभाला था और मंत्रिमंडल का पहला विस्तार उसी वर्ष नवंबर में किया था।
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