तेहरान, 21 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को यहां पहुंचेंगे। दो दिवसीय सरकारी दौरे का मकसद दोनों देशों के परस्पर संबंधों को और मजबूत करना है।
तेहरान, 21 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को यहां पहुंचेंगे। दो दिवसीय सरकारी दौरे का मकसद दोनों देशों के परस्पर संबंधों को और मजबूत करना है।
ईरान के पश्चिम एशियाई विश्लेषक हसन नौरियन के हवाले से समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने शनिवार को कहा कि उम्मीद है कि मोदी कई आर्थिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करेंगे। इनमें व्यापार समझौता भी शामिल है।
संस्कृति एवं पर्यटन के समझौते के अलावा आपसी व्यापार में ज्यादा कर से परहेज और परस्पर निवेश को समर्थन देने को लेकर भी समझौता होना है।
मोदी के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आ रहा है।
नौरियन का मानना है कि इस दौरे का सर्वाधिक महत्वपूर्ण पहलू चाबाहर पोर्ट सिटी में निवेश एवं ईरान में पेट्रोकेमिकल एवं यूरिया खाद कारखाने का निर्माण है।
वर्ष 2014 के मई में भारत और ईरान ने संयुक्त रूप से एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किया था कि जब ईरान के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंध हटा लिए जाएंगे तो दोनों संयुक्त रूप से चाबाहर बंदरगाह का निर्माण करेंगे।
दोनों पक्ष बंदरगाह पर भारत को दो डॉक 10 साल के लिए लीज पर देने को राजी हुए थे। यह ऐसा कदम है जिससे भारत का कच्चे तेल और यूरिया आयात की परिवहन लागत 30 फीसदी कम हो जाएगी।
चाबाहर ओमान की खाड़ी में स्थित है और पाकिस्तान की सीमा से लगा है। इस बंदरगाह को बनाने के भारत के कदम से भारत पाकिस्तान को चकमा देते हुए अफगानिस्तान के साथ-साथ मध्य एशिया से रणनीतिक संपर्क बहाल कर लेगा।
मोदी के दौरे के समय अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ घानी भी तेहरान में रहेंगे ताकि चाबाहर बंदरगाह के बारे में त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर कर सकें।
अप्रैल में हुए करार के मुताबिक भारत को इस बंदरगाह के जरिए अफगानिस्तान तक पहुंचने की इजाजत होगी। इस मार्ग से भारतीय सामान को पाकिस्तानी सीमा से परहेज करते हुए अफगानिस्तान पहुंचाने की सुविधा मिल जाएगी।
मोदी के इस एजेंडे का एक और महत्वपूर्ण पक्ष देश की एक प्रमुख फरजाद बी गैस परियोजना और उसका विकास का काम भारत को सौंपना है।
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