नई दिल्ली, 24 नवंबर (आईएएनएस)। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने नोटबंदी के कारण नकदी को लेकर मचे बवाल और ‘लोगों के घोर कष्ट को देखकर भी अंधा बने रहने के लिए’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को अमानवीय करार दिया।
माकपा के पत्र पीपुल्स डेमोक्रेसी के संपादकीय में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनता पर जो ‘नकदी युद्ध’ की जो घोषणा की है, वह लोगों से भारी कीमतवसूल रही है। कई पुरुष, महिलाएं और बच्चे 1000 और 500 के नोट बंद करने के कारण हुर्ह तकलीफ के परिणाम स्वरूप मर गए हैं।
संपादकीय में कहा गया है कि 22 नवंबर तक देश भर में 75 लोगों की मौत हो जाने की खबर है और यह संख्या बढ़ती जा रही है।
इसमें कहा गया है कि कष्ट और दुखद घटनाओं की ये कहानियां उस संपूर्ण संकट का हिस्सा हैं जिसका कामकाजी जनता सामना कर रही है। जिनकी आजीविका खत्म हो गई है, जिनकी बचत खत्म हो गई है और अब भुखमरी का सामना कर रहे हैं।
संपादकीय में जो लोग पैसा निकालने या बदलने के लिए बैंकों की पंक्तियों में खड़ा रहने के दौरान मर गए उनके बारे में दुख नहीं जताने को लेकर भाजपा की तीखी आलोचना की गई है।
संपादकीय में कहा गया है कि 28 नवंबर को विपक्ष द्वारा आक्रोश दिवस मनाने को कहा गया है। इसमें ‘मोदी के अमानवीय शासन का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए एक शक्तिशाली विरोध’ को जरूरी बताया गया है।
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