पुणे, 16 जनवरी (आईएएनएस)। एक अनूठी पहल में ‘लॉ एंड ऑर्डर’ नाम के एक एनजीओ ने देश भर के मौजूदा न्यायाधीशों की शिकायतों पर विचार का बीड़ा उठाया है। इस एनजीओ में विशिष्ट नागरिक और सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय व जिला न्यायालयों के सेवानिवृत्त न्यायाधीश शामिल हैं।
वकील असीम सरोदे ने कहा कि यह पहल बीते सप्ताह शीर्ष अदालत के चार वरिष्ठ न्यायाधीशों के मीडिया के समक्ष आने की पृष्ठिभूमि में की गई है। इसका मकसद है कि जिला अदालत, सभी उच्च न्यायालयों व सर्वोच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीशों के लिए अपनी शिकायतों को रखने का एक मंच मिले, जिससे इनका समाधान हो व एक प्रभावी व पारदर्शी न्यायपालिका सुनिश्चित हो सके।
सरोदे ने आईएएनएस से कहा, “हम सभी मौजूदा न्यायाधीशों व कानूनी बिरादरी से इस पहल में साथ आने की अपील करते हैं। किसी भी मौजूदा न्यायाधीश की शिकायत के साथ उनके नाम को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा, जबकि ‘लॉ एंड ऑर्डर’ की विशेषज्ञ समिति इसकी जांच करेगी व हल निकालेगी।”
उन्होंने कहा कि ‘लॉ एंड ऑर्डर’ का मकसद ऐसा मौहाल बनाना है जिससे किसी न्यायाधीशों को भविष्य में अपनी शिकायत सार्वजनिक मंच पर रखने को बाध्य नहीं होना पड़े। इसमें सामाजिक राजनीति बौद्धिक विश्वंभर चौधरी व महाराष्ट्र लिटिगेंट फोरम के सचिव भालचंद्र जोशी शामिल हैं।
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