इंफाल, 6 सितम्बर (आईएएनएस)। मणिपुर में भारत-म्यांमार सीमा से लगे मोरेह कस्बे में बुधवार सुबह प्रतिबंधित पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलीपक(पीआरईपीएके) के तीन उग्रवादियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
तेंगौपल जिले के पुलिस अधीक्षक सारांगथेम इबोमचा ने कहा, “हमें खुफिया सूचना मिली थी कि कुछ उग्रवादी मोरेह आ रहे हैं। पुलिस और 12 असम राइफल्स के जवानों ने मोरेह शहर के सनराइज क्लब ग्राउंड में प्रतिबंधित संगठन के तीन स्वयंभू कमांडरों को गिरफ्तार किया। इन लोगों के पास से कोई भी हथियार बरामद नहीं हुए हैं।”
पीआरईपीएके मणिपुर का एक उग्रवादी संगठन है, जो अपने लिए अलग व स्वतंत्र राज्य की मांग कर रहा है।
इबोमचा ने बताया कि ये लोग म्यांमार स्थित अपने शिविर से यहां भारत को नुकसान पहुंचाने की गतिविधि के उद्देश्य से आए थे।
खुफिया विभाग के सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि इस बात का पता लगाया जा रहा है कि क्या इन लोगों ने ‘नो मेंस लैंड’ में अपने शिविर को खाली कर दिया है।
इबोमचा ने बताया,”पुलिस और सुरक्षा बलों ने म्यांमार के विस्थापित मुस्लिम समुदाय के संभावित पलायन के मद्देनजर मणिपुर-म्यांमार सीमा की सुरक्षा बढ़ा दी है।”
उन्होंने कहा,”अभी तक हालांकि म्यांमार के रास्ते किसी भी रोहिंग्या के आने की सूचना नहीं है।”
तीनों उग्रवादियों की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी म्यांमार की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं।
इससे पहले नो मेंस लैंड से मणिपुर घुसपैठ करने वाले तीन उग्रवादियों को पकड़ा गया था।
इसबीच हालांकि इस बात की कोई सूचना नहीं है कि मोरेह में सीमा की घेराबंदी के लिए 10 किलोमीटर लंबा बाड़ कब लगाया जाएगा। म्यांमार की ओर से उसकी सीमा का उल्लंघन किए जाने की शिकायत के बाद यह काम रोक दिया गया था।
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