इंदौर, 27 दिसंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने रविवार को यहां कहा कि केंद्र सरकार भोपाल के यूनियन कार्बाइड कारखाने में जमा रासायनिक कचरे के सुरक्षित निपटान के लिए एक योजना पर काम कर रही है।
साइक्लिंग एसोसिएशन द्वारा इंदौर में आयोजित ‘साइक्लोथॉन-2015’ में हिस्सा लेने आए जावड़ेकर ने संवाददाताओं से कहा कि यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के निपटान के लिए सभी एहतियाती उपाय बरते जाएंगे।
उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान माना कि “धार जिले के पीथमपुर क्षेत्र में इस कचरे को जलाने की एक योजना थी, लेकिन यह निपटान वायु प्रदूषण और इलाके के चारों ओर मानव बस्तियों को प्रभावित करेगा। इसे ध्यान में रखकर और गैर-सरकारी संगठनों के विरोध के कारण ऐसा नहीं हो सका।”
ज्ञात हो कि अब से 31 वर्ष पूर्व दो-तीन दिसंबर, 1984 की दरम्यानी रात भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड संयंत्र से मिथाइल आईसो सायनाइड गैस का रिसाव होने के कारण तीन हजार से अधिक लोगों की एक ही रात में मौत हो गई थी। उसके बाद से अब तक 25 हजार से ज्यादा लोग इस गैस के दुष्प्रभाव के चलते मारे जा चुके हैं, जबकि पांच लाख से ज्यादा लोग विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे हैं।
हादसे के बाद से यूनियन कार्बाइड का संयंत्र बंद पड़ा है और कई हजार टन जहरीला कचरा जमा है। इससे एक तरफ जहां जमीन प्रदूषित हो रही है, वहीं दूसरी ओर भूजल प्रदूषण का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। तमाम संगठन जहरीले कचरे के निपटान के लिए लगातार मांग करते आ रहे हैं।
dharmpath.com dharmpath