लखनऊ, 26 सितम्बर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती ने बर्खास्त मंत्रियों की कैबिनेट में वापसी को लेकर अखिलेश सरकार पर सोमवार को सवाल खड़ा किया। उन्होंने गायत्री प्रजापति को सपा सरकार में फिर शामिल करने की निन्दा की और कहा कि अखिलेश यादव ने खुद को कमजोर एवं ‘यू टर्न’ लेने वाला मुख्यमंत्री साबित किया है।
मायावती ने यहां जारी एक बयान में कहा, “भूतत्व एवं खनन मंत्री के रूप में भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप में कुछ दिन पूर्व बर्खास्त किए गए गायत्री प्रसाद प्रजापति को दोबारा मंत्री बनाकर वर्तमान सपा सरकार के मुखिया ने न केवल अपने आपको एक अत्यंत कमजोर व यू-टर्न लेने वाला मुख्यमंत्री साबित किया है, बल्कि यह भी जगजाहिर हो गया है कि इस सपा सरकार में खराब कानून-व्यवस्था के साथ-साथ यहां भ्रष्टाचार भी बेलगाम जारी रहेगा।”
उन्होंने कहा, “प्रदेश की जनता यह समझ नहीं पा रही है कि जिस मंत्री को अभी हाल ही में खनन विभाग में जबर्दस्त भ्रष्टाचार के आरोप में बर्खास्त किया गया था तथा जिस विभाग में व्यापक भ्रष्टाचार के मामले पर उच्च न्यायालय ने सीबीआई जांच का आदेश दिया है, उसे फिर किस मजबूरी में दोबारा मंत्री बना दिया गया।”
मायावती ने कहा, “अगर उस मंत्री का विभाग भी बदल दिया जाता है तो क्या उसका चरित्र, चाल और स्वभाव बदल जाएगा?”
बसपा सुप्रीमो ने कहा, “जनहित और विकास के काम करने के जो भी दावे अखिलेश सरकार विज्ञापनों के जरिए कर रही है, उनमें से अधिकांश कार्य बसपा शासनकाल में शुरू हुए थे तथा अब उनमें भी भ्रष्टाचार किया जा रहा है, जो बेलगाम जारी है।”
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