उन्होंने सरयू नदी, राम की पैड़ी तथा अन्य घाटों पर अविरल जल प्रवाह के बारे में संबंधित अधिकारियों एवं अभियंताओं से विस्तार से जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने 133 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित की जा रही परियोजना के अंतर्गत सभी कार्य इस वर्ष अक्टूबर माह से पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए।
पत्रकारों से मुखातिब मुख्यमंत्री ने कहा, “सरयू जी की पवित्रता एवं स्वच्छता बनाए रखने के लिए इसमें गिरने वाले सभी नालों को या तो डायवर्ट किया जाएगा या वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर स्वच्छ जल ही नदी में प्रवाहित किया जाएगा, जिससे तीर्थयात्रियों को अयोध्या भ्रमण के दौरान पवित्र सरयू नदी में स्नान करने में कोई दिक्कत न आए।”
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