सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न इस बैठक में मुख्यमंत्री ने ‘नमामि गंगे परियोजना’ के बारे में बताते हुए कहा कि इस निमित्त राज्य सरकार द्वारा सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रयाग अर्धकुंभ-2019 के आयोजन से पूर्व प्रत्येक दशा में गंगा को स्वच्छ बनाने का प्रयास युद्धस्तर पर किया जा रहा है। उन्होंने गंगा को स्वच्छ बनाने में बेल्जियम से सहयोग की अपेक्षा करते हुए इस मामले में नई तकनीक उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया।
योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के नगरी क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर बल देते हुए कहा कि ठोस अपशिष्ट निस्तारण में नई तकनीक काफी सफल एवं उपयोगी हो सकती है। इसी प्रकार, पेयजल एवं सीवरेज की व्यवस्था के लिए भी नई तकनीक के उपयोग पर बल दिया गया। इस मामले में बेल्जियम के राजदूत ने उपलब्ध तकनीक की जानकारी देते हुए कहा कि इन मामलों में बेल्जियम उत्तर प्रदेश को पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है।
बेल्जियम के राजदूत ने ‘स्मार्ट सिटी परियोजना’ में रुचि दिखाते हुए इस मामले में अपने देश की तरफ से हर संभव सहयोग प्रदान करने की बात कही। उन्होंने अलीगढ़, इलाहाबाद, गाजियाबाद सहित प्रदेश के अन्य बड़े शहरों में इस परियोजना के तहत काम करने की इच्छा जताई।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री द्वारा बेल्जियम के राजदूत एवं उनके प्रतिनिधिमंडल के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा बेल्जियम के राजदूत ने प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।
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