हरिद्वार, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। नूतन और विविध विधाओं की खुशबू को समेटे पांचवां अंतरराष्ट्रीय योग, संस्कृति और अध्यात्म महोत्सव का पांचवां दिन भेद-भाव से परे देसंविवि हाट के नाम रहा। यहां न कोई देश का बंधन था, न ही धर्म की सीमाएं। हाट में एनीमेशन केंद्र द्वारा बनाया गया आदर्श गांव का मॉडल आकर्षण का केंद्र रहा।
यहां जारी एक बयान के अनुसार, भाषाओं की विविधताएं भी विदेशी मेहमानों को मानवता के एक सूत्र में पिरोने से रोक नहीं पायीं। विदेशी मेहमान भारतीय संस्कृति को एकदम व्यावहारिक रूप से महसूस करते दिखाई दिए। यहां बताते चलें कि योग महोत्सव के अंतर्गत विवि के विद्यार्थियों ने प्र™ोश्वर महाकाल परिसर के चारों ओर भारतीय संस्कृति की महक लिए एक अनूठा प्रयोग करते हुए हाट लगाया है।
बयान में कहा गया है कि इस हाट में स्वावलंबन विभाग द्वारा हस्तकला से संबंधित उत्पाद, ग्राम प्रबन्धन विभाग के उत्पाद, पत्रकारिता विभाग का ‘संस्कृति संचार’ जैसे अनेक स्टॉल लगाये गए हैं। खान-पान स्टॉल में फ्रूट चाट के प्रति लोगों का सहज आकर्षण रहा। वहीं छात्राओं द्वारा लगाई गई मेंहदी स्टाल विदेशियों को काफी लुभाया।
कई मेहमानों ने अपने हाथों में मेंहदी रचवाई। हाट का प्रमुख आकर्षण एनीमेशन केंद्र द्वारा बनाया गया आदर्श गांव का मॉडल है, जिसमें सादा जीवन उच्च विचार की थीम के साथ विश्वविद्यालय की शिक्षाओं को बेहद सृजनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया है। हाट बाजार में छात्र-छात्राओं द्वारा बनाये गये विभिन्न पोस्टर और कलाकृतियों के प्रदर्शनी को भी काफी पसंद किया जा रहा है।
इस दौरान देशी-विदेशी मेहमानों ने समूचा भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले गांवों का भारत देखा। लगा कि गांव का हाट उठकर देवसंस्कृति विवि में आ गया हो। हाट में लोगों ने हस्तनिर्मित बैग, फोटोफ्रेम खरीदे, वहीं जूस आदि का स्वाद भी चखा। इनमें विदेशी मेहमानों की संख्या ज्यादा थी।
मेहमान ग्रामीण परिवेश का भारत देखकर काफी प्रसन्न दिखे। इस दौरान मेहमानों ने आहार-विहार, रहन-सहन की संस्कृति को जानने-समझने के लिए इस तरह के आयोजन करते रहने का सुझाव दिया, तो वहीं मूर्धन्यों ने भारतीय संस्कृति को सर्वोत्कृष्ट संस्कृति कहा।
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