योग समुदाय की हलचल से अवगत कराएगा योगाट्रेलडॉटकॉम

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। अध्यापकों, विद्यार्थियों और योग से जुड़े उत्साहियों को एक मंच पर लाने और योग के लाभ एवं यूजर्स को योग समुदाय में हो रही हलचल से अवगत कराने के उद्देश्य से देश में एक सोशल साइट योगाट्रेलडॉटकॉम लांच किया गया है।

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। अध्यापकों, विद्यार्थियों और योग से जुड़े उत्साहियों को एक मंच पर लाने और योग के लाभ एवं यूजर्स को योग समुदाय में हो रही हलचल से अवगत कराने के उद्देश्य से देश में एक सोशल साइट योगाट्रेलडॉटकॉम लांच किया गया है।

योगाट्रेलडॉटकॉम के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एलेक्स क्लेन ने इसे लांच करते हुए गुरुवार को कहा कि योगाट्रेलडॉटकॉम योग बाजार को संगठित बनाने और 80 अरब डॉलर के योग उद्योग के असली सामथ्र्य को सामने लाने में अहम भूमिका निभाएगा। समूचे विश्व में 20 करोड़ योग प्रैक्टिशनर्स में से आधी संख्या भारतीय है।

योगाट्रेलडॉटकॉम की शुरुआत वर्ष 2013 में की गई थी। यह एक वैश्विक ऑनलाइन योग मंच है, जो अध्यापकों और विद्यार्थियों को जोड़ता है, यूजर्स को योग समुदाय में हो रही हलचल से अवगत कराता है और लोगों को उनके अनुभव साझा करने में सक्षम बनाता है और उनका योग यानी उनके शरीर और दिमाग से मेल खाने वाले योग के स्वरूप को खोजने में मदद करता है।

इस ऑनलाइन कम्युनिटी को सिलिकॉन वैली, एसई एशियन और भारतीय एंजेल निवेशकों का समर्थन प्राप्त है। 100 से अधिक देशों में मौजूद इसके पंजीकृत यूजर्स की संख्या एक लाख से अधिक है।

योगाट्रेलडॉटकॉम के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एलेक्स क्लेन ने कहा, “आज योग भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजारों में भी तंदुरुस्ती के लिए सबसे लोकप्रिय विकल्प बन गया है।”

उन्होंने बताया, “योग वैश्विक स्तर पर विकसित हो रहा अरबों डॉलर का उद्योग है। भारत में उद्योग भले ही तेजी से विकसित हो रहा है, लेकिन यह काफी असंगठित है। योगाट्रेलडॉटकॉम से हमारा इरादा इस अंतर को भरना है।”

योगाट्रेलडॉटकॉम के सीसीओ एलेक्स जैटन ने कहा, “भारत योग की ‘मातृभूमि’ है। यह ऐसा देश है जहां योग उस धरोहर का हिस्सा है, जिसका अपना योग मंत्रालय भी है। हमने जब योगाट्रेलडॉटकॉम की शुरुआत की, तो पता चला कि योग समुदाय देश में बेहद विभाजित है।”

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