नई दिल्ली, 28 मार्च (आईएएनएस)। देश में जहां सैन्य उपकरणों के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है, वहीं मौजूदा कारोबारी साल के प्रथम नौ महीनों में रक्षा उपकरणों के निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई। इस दौरान देश से 1,400 करोड़ रुपये (करीब 21 करोड़ डॉलर) मूल्य के रक्षा उपकरणों का निर्यात हुआ।
नई दिल्ली, 28 मार्च (आईएएनएस)। देश में जहां सैन्य उपकरणों के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है, वहीं मौजूदा कारोबारी साल के प्रथम नौ महीनों में रक्षा उपकरणों के निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई। इस दौरान देश से 1,400 करोड़ रुपये (करीब 21 करोड़ डॉलर) मूल्य के रक्षा उपकरणों का निर्यात हुआ।
रक्षा मंत्रालय की सालाना रपट में कहा गया है कि अप्रैल-दिसंबर 2015 की अवधि में सरकारी रक्षा उपक्रमों (डीपीएसयू), आयुध निर्माण बोर्ड (ओएफबी) और निजी क्षेत्र की कंपनियों ने 1,397 करोड़ रुपये के उत्पादों का निर्यात किया। वित्त वर्ष पूरे होने में अभी तीन महीने शेष हैं।
2014-15 में यह निर्यात 994 करोड़ रुपये का हुआ था।
रक्षा मंत्रालय की रपट में कहा गया है, “निर्यात में भारी वृद्धि दर्ज की गई है।”
रपट में निजी कंपनियों की भूमिका की प्रमुखता से सराहना की गई।
रपट के मुताबिक, सर्वाधिक निर्यात अफगानिस्तान, अल्जीरिया, बेल्जियम, इक्वोडोर, इंडोनेशिया, इजरायल, म्यांमार, नेपाल, ओमान, रोमानिया, रूस, दक्षिण कोरिया, सूडान, वियतनाम और ब्रिटेन में हुए।
रपट के मुताबिक, गश्ती जहाजों, राडार के कल-पुर्जे, चीतल हेलीकॉप्टर, टर्बो चार्जर और बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली, हल्के इंजीनियरिंग मैकेनिकल पुर्जे और व्यक्तिगत सुरक्षा सामग्री जैसे हेलमेट, बुलेटप्रूफ जैकेट और अन्य कपड़ों की इस निर्यात में प्रमुख भूमिका रही।
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