रमन के गोठ : जन औषधि केंद्र खोलें, मिलेंगे ढाई लाख रुपये

रायपुर, 13 मार्च (आईएएनएस/वीएनएस)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रविवार को आकाशवाणी से प्रसारित अपनी मासिक रेडियो वार्ता ‘रमन के गोठ’ की सातवीं कड़ी में मरीजों को सस्ती दरों पर अच्छी गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए जन औषधि केंद्र (दुकान) खोलने की इच्छुक संस्थाओं को ढाई लाख रुपये की मदद देने की भी घोषणा की।

रायपुर, 13 मार्च (आईएएनएस/वीएनएस)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रविवार को आकाशवाणी से प्रसारित अपनी मासिक रेडियो वार्ता ‘रमन के गोठ’ की सातवीं कड़ी में मरीजों को सस्ती दरों पर अच्छी गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए जन औषधि केंद्र (दुकान) खोलने की इच्छुक संस्थाओं को ढाई लाख रुपये की मदद देने की भी घोषणा की।

उन्होंने कहा कि इसमें से 50 हजार रुपये कार्यशील पूंजी के रूप में होंगे। प्रदेशभर में 100 जन औषधि केंद्र खोले जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ की धरती पर पिछले महीने की 21 तारीख को जन औषधि केंद्रों की राष्ट्रीय योजना के रूप में एक और क्रांति हुई इस योजना को देश में सबसे पहले छत्तीसगढ़ ने लागू किया।

मुख्यमंत्री ने श्रोताओं को हिंदी और छत्तीसगढ़ी दोनों ही भाषाओं में संबोधित किया। उन्होंने प्रसारण की शुरुआत छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय संत कवि स्वर्गीय पवन दीवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए और प्रदेशवासियों को होली तथा विश्व जल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए की।

जनता में आज भी मुख्यमंत्री के रेडियो प्रसारण को लेकर काफी उत्साह देखा गया। राजधानी रायपुर से प्रदेश के सुदूर गांवों तक श्रमिकों, छात्र-छात्राओं, युवाओं, महिलाओं, मजदूरों, किसानों और आम नागरिकों ने बड़ी दिलचस्पी से मुख्यमंत्री को सुना।

डॉ. रमन सिंह ने प्रदेशवासियों का आव्हान किया कि वे एक अप्रैल से शुरू हो रहे शाला प्रवेश उत्सव के दौरान 6 वर्ष से अधिक उम्र के स्कूल जाने लायक सभी बच्चों का दाखिला सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि नया शिक्षा सत्र इस वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। राज्य सरकार ने यह भी सुनिश्चित कर रही है कि इस दौरान कक्षा पहली से 10वीं तक सभी बच्चों को उनकी मुफ्त स्कूली किताबें शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले मिल जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष नि: शुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण योजना में हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू किताबों के साथ संस्कृत भाषा की पाठ्य पुस्तकें भी वितरित की जाएंगी। लगभग 59 लाख बच्चों को इन किताबों की 2 करोड़ 91 लाख प्रतियां नि:शुल्क दी जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने स्कूल कॉलेजों की परीक्षाओं के नतीजों में असफल विद्यार्थियों से निराश न होने की अपील करते हुए उनका हौसला बढ़ाया।

उन्होंने कहा, जिनके पेपर कमजोर गए हैं। उनके मन में निराशा का भाव देखने को मिलता है, और पिछले कुछ दिनों में प्रदेश के बेटे-बेटियों में आत्महत्या जैसी प्रवृत्ति देखने को मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा, “मैं आपसे इतना ही कहना चाहूंगा कि पढ़ाई में यदि नंबर कम आए हैं, एक विषय में यदि आप पीछे भी रह गए तो जीवन के सारे सफलता के दरवाजे बंद नहीं होने वाले हैं। आत्मविश्वास के साथ आप आगे बढ़ें। जीवन में सभी महत्वपूर्ण व्यक्तियों ने जिन्होंने दुनिया में अपना नाम कमाया, कहीं न कहीं, कभी न कभी असफल जरूर हुए थे।”

उन्होंने कहा कि असफलता हमें सफलता की नई मंजिल की ओर जाने का आत्मविश्वास देती है। आप डरे नहीं, संकोच न करे, मन में हीन भावना न लाएए आने वाली पढ़ाई की तैयारी करें।

मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से यह भी कहा, “यदि आपको कोई शिकायत हो, कोई संदेह हो आपके पेपर और आपके नंबर के बारे में यदि आपको लगता है, आपके साथ बेइंसाफी हुई है, तो आप मुझसे सीधे संपर्क कर सकते हैं। मेरा टेलीफोन नंबर 0771-2331001 है।”

उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा, जीवन अनमोल है। इसे समाप्त न करें। आगे बढ़ें, दुनिया आपके साथ है।

मुख्यमंत्री ने ‘रमन के गोठ’ की आज की कड़ी में आगामी एक अप्रैल से शुरू हो रहे नये वित्तीय वर्ष 2016-17 के मुख्य बजट का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 70 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा राशि के इस बजट में सबसे अधिक जोर श्शिक्षा पर दिया गया है। शिक्षा के लिए इस बजट में 13 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा राशि रखी गई है।

उन्होंने कहा कि सूखा पीड़ित किसानों की मदद के लिए 2 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। लगभग 150 करोड़ रुपए उन्हें नि:शुल्क धान बीज देने के लिए रखे गए हैं। स्वच्छ भारत अभियान के लिए बजट में 700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें से 400 करोड़ रुपये गांवों और 300 करोड़ रुपये शहरों में खर्च किए जाएंगे।

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