नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने किसी भी मामले में पीड़ित को न्याय दिलाने में जांच की अहम भूमिका को महत्वपूर्ण करार देते हुए कहा कि पुलिस थानों का आधुनिकीकरण किया जाना चाहिए, क्योंकि प्राथमिक जांच यहीं होती है।
जांचकर्ताओं के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए गृहमंत्री ने कहा, “हमें प्रभावी जांच सुनिश्चित करने लिए पुलिस थानों को आधुनिक बनाना होगा।”
उन्होंने पूरे देश के पुलिस बलों से पीड़ितों तथा गवाहों के साथ अच्छा व्यवहार करने के लिए कहा, जो न्याय मांगने के लिए उनके पास पहुंचते हैं।
उन्होंने कहा, “पुलिस को पीड़ित और गवाह, दोनों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए।”
गृहमंत्री ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाने के लिए कई कदम उठाए हैं।
जांचकर्ताओं के पहले सम्मेलन में मंत्री ने कहा कि यह समग्र जांच स्तर में सुधार पर बहस के लिए एक ‘अच्छा अवसर’ है। जांच न्याय देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
राजनाथ सिंह ने आतंकवाद से लड़ने और इस बुराई को खत्म करने का सरकार का संकल्प भी दोहराया।
उन्होंने अपराध को ‘विकृत मानसिकता’ का परिणाम बताया और कहा कि सुरक्षा एजेंसियों की उच्च प्राथमिकता अपराधों की रोकथाम होनी चाहिए।
राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि गृह मंत्रालय करीब 150 से 200 जांचकर्ता अधिकारियों को हर साल उनके अच्छे कार्य के लिए पदक देना शुरू करेगी।
सम्मेलन का उद्देश्य आर्थिक, साइबर तथा संगठित अपराधों पर चर्चा करना है। इसमें राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।
सम्मेलन का आयोजन पुलिस अनुसंधान और विकास और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने किया।
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