राजनाथ ने साइबर अपराध से निपटने के उपायों की समीक्षा की

नई दिल्ली, 13 नवंबर (आईएएनएस)। केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को वित्तीय क्षेत्र में धोखाधड़ी को रोकने के लिए पिछले 19 सितम्बर को हुई बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा की। इस समीक्षा बैठक में राज्यों और विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

बैठक में राजनाथ को बताया गया कि उनकी अध्यक्षता में 19 सितम्बर, 2017 को हुई बैठक में जो निर्णय लिए गए थे, उसके परिप्रेक्ष्य में गृह मंत्रालय में 28 सितम्बर, 2017 को फोन धोखाधड़ी पर अंतर मंत्रालयी समिति का गठन किया गया।

मंत्रालय की तरफ से जारी बयान के अनुसार, इस समिति में गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव की अध्यक्षता में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, वित्तीय सेवाएं विभाग, दूर संचार विभाग, भारतीय रिजर्व बैंक और कानून-व्यवस्था से जुड़ी ऐजेंसियों जैसे साझेदारों के प्रतिनिधियों को सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है। समिति की पहली बैठक 24 अक्टूबर, 2017 को हुई, जिसमें भारत में फोन से जुड़ी धोखाधड़ी की प्रकृति और इससे निपटने के लिए विभिन्न साझेदार संगठनों द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में चर्चा हुई।

राजनाथ की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिन अपेक्षित उपायों की समीक्षा की गई, उनमें फोन के जरिए धोखाधड़ी करने वालों को चिन्हित करने के लिए आईआईटी दिल्ली की मदद से व्यापक डाटा विश्लेषण करना, बैंक ग्राहकों को एसएमएस और ई-मेल अलर्ट के जरिए अतिरिक्त जानकारी प्रदान करना, किसी भी वित्तीय लेन देन में आवश्यकता अनुसार लाभार्थी का नाम शामिल करना और इसके बारे में ग्राहक को अलर्ट भेजने का तंत्र विकसित करना शामिल है।

बयान के अनुसार, इसके अलावा ई-वॉलेट कंपनी और बैंकों के ग्राहकों के साथ होने वाली धोखाधड़ी से जुड़ी घटनाओं और जांच का विवरण प्रकाशित करने, मेटाडॉटा तैयार करने के कानूनी पक्ष और विभिन्न सरकारों और निजी एजेंसियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान, बीमा लागत में कमी, प्रीपेड भुगतान विकल्प प्रदान करने वालों के लिए अनिवार्य केवाईसी, क्रेडिट और डेबिट कार्ड के जरिए देश से बाहर लेनदेन को प्रतिबंधित करने जैसे उपायों की समीक्षा की गई।

बयान के अनुसार, बैठक में झारखण्ड पुलिस द्वारा फोन पर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई और इसके बाद ऐसे अपराधों में कमी आने के बारे में केन्द्रीय गृहमंत्री को जानकारी दी गई। राजनाथ ने फोन धोखाधड़ी पर अंतर मंत्रालयी समिति को आदेश दिया कि वह सभी साझेदारों के साथ मिलकर बातचीत के दौरान उठाए गए मुद्दों पर तेजी से कार्रवाई करे।

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