मुंबई, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के कारण फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ की रिलीज अधर में लटकी हुई है। प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय फिल्मकार जिया झांग्के का कहना है कि राजनीतिक परिवर्तन और प्रशासनिक निर्णय न केवल फिल्मकारों के मन को प्रभावित करता है, बल्कि मनोरंजन उद्योग को भी प्रभावित करता है।
चीन के बाद माओ संस्कृति के इतिहास के सिनेमाई प्रतिनिधित्व के लिए लोकप्रिय निर्देशक ने कहा, “राजनीतिक उथल-पुथल हमें हमेशा प्रभावित करता है। चीन की राजनीतिक स्थिति लगातार बदल रही है और यह देश की आर्थिक विकास को दर्शाता है। अगर आप करीबी निरीक्षण करें तो पूर्वी चीन जहां एक ओर आर्थिक रूप से विकसित है, वहीं पश्चिमी चीन को इस स्तर पर पहुंचना अभी बाकी है। इस तरह की असमानताएं हमारे समाज को प्रभावित करती हैं।”
झांग्के जियो मामी 18वें मुंबई फिल्म महोत्सव के मद्देनजर मुंबई पहली बार आए हैं। उन्हें सिनेमा पुरस्कार में अंतर्राष्ट्रीय उत्कृष्टता के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
राजकपूर और उनकी फिल्म ‘आवारा’ (1951) के प्रशंसक झांग्के की पहली फिल्म ‘पिकपॉकेट’ का नायक राजकुमार के चरित्र से प्रेरित था।
उन्होंने कहा, “बचपन में मैंने राजकपूर की फिल्म ‘आवारा’ देखी थी। फिल्म के नायक ने मेरे मन पर प्रभाव डाला। वास्तव में मेरी पहली फिल्म का केंद्रीय पात्र उससे प्रेरित था।”
अभिव्यक्ति की आजादी में सरकारी हस्तक्षेप के बारे में फिल्मकार ने कहा, “पहले हमारी फिल्मों को बिना कारण बताए खारिज कर दिया जाता था, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। कम से कम, हम सेंसर बोर्ड के सदस्यों के साथ बैठकर कहानी और दृश्यों की प्रासंगिकता व कारण को समझा सकते हैं। वहां बातचीत के लिए एक गुंजाइश है, लोग अब पहले से ज्यादा उदार हैं।”
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और पाकिस्तानी कलाकारों को बॉलीवुड में काम करने से प्रतिबंधित करने की बढ़ती मांग के बारे में पूछे जाने पर फिल्मकार ने कहा कि चीन और ताइवान के बीच लगातार बने तनाव के बाद भी ताइवानी कलाकार आते हैं और एक फिल्मकार के रूप में वह सांस्कृतिक आदान-प्रदान और भाईचारे को प्रोत्साहित करते हैं।
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