नई दिल्ली, 2 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह अपनी सरकार के सत्ता में आने के बाद देश के आर्थिक हालात पर एक श्वेतपत्र लाना चाहते थे, लेकिन राष्ट्र के हित में इससे परहेज करना पड़ा।
शुक्रवार को चैनल नेटवर्क 18 पर प्रसारित हुए साक्षात्कार में प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने वास्तविक स्थिति का खुलासा करके अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की बजाय राजनीतिक नुकसान उठाने को चुना। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की सरकार बजट में आंकड़े बदल देती थी।
उन्होंने कहा, “कई लोग पूछते हैं कि दो साल में सबसे बड़ी गलती हमने क्या की है। जब मैं यह सोचता हूं तो पाता हूं कि पहला बजट लाने से पहले मुझे देश की आर्थिक स्थिति पर एक श्वेतपत्र सदन पटल पर रखना चाहिए था.. हमने यह सोचा भी था।”
मोदी ने कहा, “राजनीति कहती है कि आप को वास्तविक स्थिति का खुलासा करना चाहिए, लेकिन राष्ट्र के हित में यदि मैंने हालात का खुलासा किया होता तो अर्थव्यवस्था को नुकसान होता, और एक झटके का सामना करना पड़ता।”
उन्होंने कहा, “पहले की सरकार ने बजट के आंकड़ों में बदलाव किया था, लेकिन राजनीतिक नुकसान उठाने के बावजूद मैं चुप रहा।”
मोदी ने आगे कहा, “हमने आलोचनाएं सहीं, हमने राजनीतिक तौर पर नुकसान उठाया पर इसे राष्ट्र के सामने नहीं जाहिर किया। इसकी वजह रही कि हम चीजों को सही करना चाहते थे।”
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