राजनीति में जाने से डरता हूं : कैलाश खेर

नई दिल्ली, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। गायक व संगीतकार पद्मश्री कैलाश खेर का कहना है कि राजनीति में प्रवेश करने में उन्हें डर लगता है, क्योंकि इसमें दिल के बजाय दिमाग का इस्तेमाल होता है।

नई दिल्ली, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। गायक व संगीतकार पद्मश्री कैलाश खेर का कहना है कि राजनीति में प्रवेश करने में उन्हें डर लगता है, क्योंकि इसमें दिल के बजाय दिमाग का इस्तेमाल होता है।

‘टूटा टूटा एक परिंदा’ और ‘अल्लाह के बंदे’ जैसे हिट गीत के गायक स्वच्छ भारत अभियान के ब्रांड एंबेस्डर भी हैं और कई सामाजिक परोपकारी कार्यो में सहयोग देते रहे हैं। पिछले साल उन्होंने किसानों की सहायता के लिए मणिपुर के तमेंगलॉन्ग में निशुल्क प्रस्तुति दी थी।

कैलाश से जब पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी राजनीति में जाने के बारे में सोचा है तो उन्होंने आईएएनएस से कहा, “नहीं, मैंने इस बारे में नहीं सोचा। राजनीति में शामिल होना बहुत डरावना है, क्योंकि आपको ज्यादा दिमाग चलाने की जरूरत होती है। हम कलाकार तो दिल से सोचते हैं। राजनीति में जगह बनाने और विशेष पद को लेकर मारामारी होती है। मैं इसे थोड़ा मुश्किल मानता हूं।”

उन्होंने कहा, “मेरा यह भी मानना है कि अगर आप मानवता के लिए कुछ अच्छा करते हैं तो फिर आप जो भी हों, आप योगदान दे सकते हैं। बस निष्ठावान व ईमानदार बने रहिए।”

साल 2017 में कैलाश ने दो भारतीय बैंड सुरफिरा और इंडी रूट्स लॉन्च किया था। वह कैलासा बैंड के संस्थापक हैं। पिछले महीने सुरफिरा की एक प्रस्तुति के सिलसिले में कैलाश यहां आए थे।

कैलाश ने कहा, “सुरफिरा दुनिया भर में प्रस्तुति दे रहा है। बैंड रचनात्मक रूप से विकसित हो राह है। इसने गजल-सूफी-रॉक बैंड के रूप में शुरुआत की है। अब इसने कई और विधाओं को शामिल कर लिया है।”

आगामी महीनों में उनकी योजना दो और प्रतिभाओं..दो एकल गायकों और दो बैंड लॉन्च करने की है।

उन्होंने कहा, “मैं एक कलाकार भी हूं, इसिलए मैं लॉन्च करने का एकदम सही तारीख नहीं बता सकता। एक साल में हम करीब 100 संगीत कार्यक्रम करते हैं। मैं विभिन्न जगहों पर प्रेरणादायी भाषण भी देता हूं। कैलासा ‘थमजा’ नाम के एक एकल गीत पर भी काम कर रहा है। यह ‘सैयां’ और ‘तेरी दीवानी’ की तर्ज पर रोमांटिक गीत होगा।”

फिल्मों के लिए गाने तैयार करने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके पास इसके लिए समय नहीं है और वह स्वतंत्रता के संदर्भ में इसे बहुत रोमांचकारी नहीं पाते हैं। इसमें कई लोग शामिल होते हैं। संगीत में भी कमोबेश यही स्थिति है, हर किसी के पास संगीत निर्देशक के लिए सुझाव होता, इसलिए वह फिल्मों के लिए गाने तैयार करना पसंद नहीं करते।

कैलाश ने कहा कि उन्हें प्रस्ताव मिलते रहते हैं, लेकिन ज्यादा दखलअदांजी और समय ज्यादा लगने के चलते उन्होंने इससे दूरी बना रखी है। उन्होंने कहा कि वह लाइव संगीत कार्यक्रम करना पसंद करते हैं, क्योंकि इससे लोगों को संगीत के प्रति ज्यादा जागरूक बनाया जा सकता है।

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