नई दिल्ली, 24 नवंबर (आईएएनएस)। संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा में गुरुवार को एक बार फिर नोटबंदी का मुद्दा उठा। विपक्षी सदस्यों ने इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब मांगा। इस पर शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित हुई।
राज्यसभा के उपसभापति पी.जे.कुरियन ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बोलने की इजाजत देते हुए शून्यकाल की कार्यवाही शुरू की, लेकिन इसी बीच अन्य विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हस्तक्षेप करते हुए कहा, “पूर्व प्रधानमंत्री चर्चा में हिस्सा लेने के हकदार हैं, लेकिन आप चर्चा को रोक नहीं सकते। विपक्ष को बोलने का विशेष अवसर नहीं दिया जाएगा। हमें चर्चा जारी रखनी चाहिए।”
उन्होंने कहा, “यदि चर्चा नहीं होती है तो मुझे बेहद दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि विपक्ष में से किसी को बोलने की अनुमति नहीं होगी। यह शून्य काल सामान्य शून्यकाल नहीं है, बल्कि एक अवसर है। यदि यह नोटबंदी का मुद्दा है तो विपक्ष को चर्चा शुरू करनी चाहिए। मनमोहन सिंह को चर्चा में बोलने दीजिए। हम उसका जवाब देंगे।”
लेकिन विपक्ष की ओर से शोर-शराबा जारी रहने के कारण उपसभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी।
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