मुंबई, 27 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को पूर्व मंत्री राज पुरोहित को उनके कथित बयान के लिए एक कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उनके द्वारा दिया गया बयान एक स्टिंग ऑपरेशन में सामने आया है, जिसमें उन्होंने पार्टी और पार्टी नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मुंबई, 27 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को पूर्व मंत्री राज पुरोहित को उनके कथित बयान के लिए एक कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उनके द्वारा दिया गया बयान एक स्टिंग ऑपरेशन में सामने आया है, जिसमें उन्होंने पार्टी और पार्टी नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुरोहित को नोटिस जारी कर सीडी की सामग्री पर उनसे रुख स्पष्ट करने के लिए कहा गया है। यह सीडी शुक्रवार को कई टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित की गई थी।
नोटिस में कहा गया है, “25 जून से प्रसारित हो रही सीडी में ऐसा लगता है कि आपने पार्टी पर और पार्टी नेताओं पर कुछ आपत्तिजनक बयान दिए हैं। यह पार्टी अनुशासन का उल्लंघन है।”
नोटिस के अनुसार, पुरोहित को तीन दिनों के भीतर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा गया है, और ऐसा न करने की स्थिति में उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पुरोहित को यह नोटिस तब जारी किया गया है, जब एक दिन पहले भाजपा अध्यक्ष रावसाहेब दानवे ने मुंबई के इस विधायक के बयान पर सख्त आपत्ति दर्ज कराई थी।
दानवे ने कहा था, “मैंने निजी मामले पर चर्चा के लिए उन्हें बुलाया है। हम पहले वीडियो सीडी की सत्यता जांचेंगे और उसके बाद पार्टी उचित कार्रवाई करेगी।”
पुरोहित ने दावा किया है कि सीडी में दर्ज आवाज उनकी नहीं है और उन्होंने सीडी की सत्यता सुनिश्चित करने के लिए फोरेंसिक जांच की मांग की है।
पुरोहित पर शुक्रवार का स्टिंग अज्ञात लोगों द्वारा किया गया था। पुरोहित 1995-1999 के दौरान शिव सेना-भाजपा सरकार में मंत्री थे।
पुरोहित ने शुक्रवार देर शाम एक बयान में कहा था, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का मैं बहुत आदर करता हूं, और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एक आदर्श नेता हैं, जिनके नेतृत्व में राज्य प्रगति के मार्ग पर है।”
पुरोहित ने वीडियो में मोदी और शाह की कार्यशैली पर और फडणवीस के बिल्डर लॉबी के साथ कथित गठजोड़ पर सवाल उठाया है।
उन्होंने व्यापारिक समुदाय द्वार ठिकाने लगाए गए काले धन के खुलासे के कदम के प्रभाव पर भी संदेह जताया है।
पुरोहित ने कहा है, “भाजपा में सामूहिक निर्णय प्रक्रिया नहीं है.. यह एक धोखा है.. मोदी और शाह देश में सत्ता के दो केंद्र हैं.. इस तरह का लोकतंत्र निर्थक है।”
लोढ़ा समूह के प्रमुख और भाजपा की राज्य इकाई के उपाध्यक्ष एम.पी. लोढ़ा ने आरोपों को गप करार देते हुए कहा कि यह पुरोहित की राजनीतिक विफलता का परिणाम है।
लोढ़ा ने एक बयान में कहा कि उनका परिवार 35 वर्षो से रियलिटी कारोबार में है और न केवल पार्टी (भाजपा) का, बल्कि जनता का भी उनपर भरोसा है।
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